पिहानी (हरदोई)। नौ दिन पहले अगवा कर मौत के घाट उतारे गए निमिष के शव का अभी तक कोई पता नहीं लग सका है। लाश की तलाश में कम कराई गई नहर का पानी अब फिर से बढ़ने लगा है। परिजन पुलिस के साथ मिलकर अब क्रेन के जरिए नहर खंगलाने की तैयारी में है।
पिहानी के मोहल्ला भाटनटोला निवासी नरेश गुप्ता का पुत्र निमिष गुप्ता (25) गत 24 दिसम्बर 2016 की शाम को लापता हो गया था। तलाश के बाद नाकामी पर परिजनों ने 25 को थाने पर सूचना दी थी।
पुलिस ने छानबीन के दौरान शक पर उसके दोस्तों को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू की तो दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। तीन दोस्तों तुषार, राहुल और सूरज ने यह बात कबूली थी कि उन्होंने फिरौती मांगने के चक्कर में निमिष को सूरज के घर पर बुलाया और फिर उसे बेरहमी से कत्ल कर लाश उसी दिन की रात लेहना पुल पर नहर में डाल दी थी।
इस पूरे मामले में सुरेश गुप्ता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराते हुए राहुल पांडेय, तुषार सक्सेना, सूरज और अंकुर वाजपेई को नामजद किया था। इसी मुकदमे में हत्या और साजिश की धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
तुषार, राहुल और सूरज की निशानदेही पर पुलिस ने सूरज के मकान से प्रयुक्त हुए हथियार, खून आलूदा मिटटी, जले- अधजले कपड़े और भगौना आदि बरामद कर लिया। खून आदि को जांच के लिए भेज दिया गया।
आरोपियों द्वारा लाश की जो निशानदेही की गई, अब तक उस जगह से बरामदगी नहीं हो पाई है। पुलिस के प्रयासों के बावजूद लेहना से दूल्हापुर पुल तक नहर से लाश बरामद नहीं हो सकी।
रविवार तक नहर के घटे जलस्तर में लाश तलाशी जाती रही, लेकिन कुछ भी पता नहीं चला है। इस बीच पुलिस ने आगे के थाना क्षेत्रों में नहर पुलों पर लगे जाल पर भी निगाह रखने को कहा है, लेकिन नौ दिनों में आगे भी कहीं कोई लाश मिलने की सूचनाएं नहीं मिलीं।
समझा जाता है कि बोरी मेें भार रखकर डाली गई लाश नहर के बीच बने गड्ढों में फंसी हुई है। कोतवाल पवन त्रिवेदी ने बताया कि परिजन अपने स्तर से लाश ढूंढना चाह रहे हैं। परिजन पुलिस का सहयोग लेकर क्रेन के जरिए तलाश करेंगे। कोतवाल ने बताया कि घटना को लेकर पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं लेकिन परिजनों की तसल्ली के लिए लाश की तलाश जारी रखी गई है।