हरदोई। ट्रामा सेंटर अराजकतत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। हाल ये है कि यहां तैनात कर्मचारी ही एक्सरे रूम में जाम टकराते हैं। बुधवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में ये सच्चाई सामने आई। कैमरा चमकते ही शराब पी रहे कर्मी व अराजकतत्व बोतलें लेकर भाग निकले।
शेड्यूल के अनुसार चिकित्सक समेत छह कर्मियों की ड्यूटी लगी थी लेकिन मौके पर तीन संविदा कर्मी ही मिले। सीएमएस डॉ. एके शाक्य ने बताया कि प्रकरण की जांच कराएंगे, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई करेंगे।
ट्रामा सेंटर में एक्स रे कक्ष बनाया गया है। इस कक्ष में एक्सरे मशीन अभी तक नहीं लग सकी है। यहां एक दरवाजे पर ताला लगा था। वहीं कक्ष का बाहरी दरवाजा खोलकर उसमें कर्मी शराब पी रहे थे। हीटर पर भोजन बन रहा था। टीम को देख कर वहां पर तैनात कर्मी शराब की बोतल लेकर भाग खड़ा हुआ। दो बाहरी व्यक्ति भी मौजूद थे। उत्तर प्रदेश सरकार की पट्टी लगी एक लग्जरी कार से ये लोग भाग गए।
ट्रामा सेंटर में आकस्मिक कक्ष में चिकित्सक तैनात हैं। मगर वहां पर न तो चिकित्सक थे और न ही कोई कर्मचारी नजर आया। ओपीडी रजिस्टर रखा मिला।
ट्रामा सेंटर में मरीजों की सुविधा के लिए एक सर्जन, एक आर्थो सर्जन, एक कार्डियोलाजिस्ट, ईमएओ और एमओ तैनात हैं। इसके अलावा चार एक्स रे टेक्नीशियन, दो लैब टेक्नीशियन, चार नर्सिंग स्टाफ, आठ नर्सिंग स्टाफ और चार एमडब्लू तैनात हैं। जिनकी शेड्यूल के अनुसार ड्यूटी लगाई जाती है। लेकिन तीन नर्सिंग स्टाफ के अलावा कोई नजर नहीं आया।
सीएमएस डा. एके शाक्य ने बताया कि सभी कर्मचारियों की चार्ट के अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। ट्रामा सेंटर में असामाजिक गतिविधियां गंभीर मामला है। जो कर्मचारी ट्रामा सेंटर पर नशा करते मिले हैं, उनकी प्रभारी से जांच कराई जाएगी। उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।