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रास्ते के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या

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राजदीप की फाइल फोटो। - फोटो : HARDOI
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हरपालपुर (हरदोई)। अरवल थाना क्षेत्र के ग्राम तेरा पुरसौली में रास्ते के विवाद में सोमवार की रात घर में घुसकर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना से गांव में दहशत फैल गई। एसपी भी रात में ही मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से नमूने जुटाए। युवक के भाई की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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तेरा पुरसौली निवासी राजदीप पांडेय (22) गांव में ही रहकर खेती करता था। भाई ज्ञानदीप के अनुसार, पिछले कुछ समय से एक सड़क को लेकर उसका विवाद गांव के ही भैयालाल व अन्य लोगों से चल रहा था। सोमवार की देर रात राजदीप घर में था। इसी दौरान भैयालाल अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और घर में घुसकर राजदीप को तमंचे से गोली मार दी। राजदीप की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वहीं, आधी रात के बाद एसपी अनुराग वत्स भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि भाई ज्ञानदीप की तहरीर पर गांव निवासी भैयालाल, प्रभात, शशिकांत, रामबाबू, नारायण और गोपाल के खिलाफ हत्या और बलवा की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
परिचित की मदद करना घातक हुआ
राजदीप का भैयालाल से कोई सीधा विवाद नहीं था। दरअसल गांव में रहने वाले रामआसरे वाल्मीकि के घर को जाने वाली सड़क पर एक तरफ सर्वेश और दूसरी तरफ भैयालाल के मकान हैं। दोनों ने अपने मकानों के आगे चबूतरे बढ़ा रखे हैं। इसके कारण रामआसरे के घर आने-जाने की सड़क बंद हो गई थी। राजदीप ने सर्वेश और भैयालाल से अपने-अपने चबूतरे थोड़े-थोड़े काट लेने और रामआसरे को आवागमन की जगह देने को कहा था। इसको लेकर भैयालाल ने राजदीप से ही विवाद करना शुरू कर दिया था। 30 अगस्त 2020 को भैयालाल ने राजदीप, उसके भाई ज्ञानदीप, चाचा दिनेश चंद्र और पप्पू, मां मनोरमा, चाची उर्वशी और गांव निवासी पंकज के खिलाफ बलवा, मारपीट और जानलेवा हमले, रास्ते के निकासी के विवाद में जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस दौरान ज्ञानदीप और राजदीप ने थाने में तैनात तत्कालीन पुलिस कर्मियों पर आरोपियों के साथ साठगांठ कर गलत रिपोर्ट दर्ज कराए जाने का आरोप भी लगाया था। इन लोगों ने आलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट कहा था कि घटना में उनकी मां मनोरमा गंभीर रूप से घायल हुईं, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण थी। मृतक के परिजनों का अब भी आरोप है कि पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई करती रही और जिससे यह वारदात हुई।
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रविवार को ही घर में हुई थी दावत
गांव से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सात जनवरी को बड़े भाई ज्ञानदीप की शादी की वर्षगांठ थी। इस मौके पर ज्ञानदीप के फर्रुखाबाद निवासी बहनोई भी आए थे। परिजनों ने घर में ही छोटी सी दावत की थी। सोमवार की रात भी जब घटना हुई तो राजदीप अपने बहनोई के साथ बाइक से घर आया था। बाइक बाहर खड़ी कर वह अंदर चला गया और इसके बाद ही घटना हो गई।
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