रहुला में यहीं से काटे गए थे सागौन के पेड़, जड़ें दे रहीं गवाही। संवाद
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हरदोई। बीते मंगलवार को सहारनपुर जाते समय पकड़े गए सागौन भरी लकड़ी के ट्रेलर के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। खास बात यह है कि पूरे मामले की लीपापोती के लिए वन विभाग के एक अधिकारी और कर्मचारी रातदिन एक कर रहे हैं। बिलग्राम वन रेंज के अंतर्गत ग्राम रहुला में स्थित बाग में लगे सागौन के पेड़ों को काटा गया था। लकड़ी पकड़े जाने के बाद बाग से जड़ें तक खोदने की कवायद चल रहीं हैं।
बीते मंगलवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर माधौगंज के प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने कस्बे के चौराहे पर एक ट्रेलर को रुकवाकर जांच कराई थी। इसमें 180 क्विंटल सागौन की लकड़ी बरामद हुई थी। पुलिस ने चालक समून निवासी ग्राम इकरतपुर थाना कुंडी जनपद मुरादाबाद व हेल्पर आबिद निवासी ग्राम दीपपुर थाना डडौली जनपद अमरोहा को हिरासत में ले लिया था। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक मोहर सिंह ने बताया कि हरदोई के एक ट्रांसपोर्टर से ठेकेदार ने ट्रेलर बुक किया था। बिलग्राम के एक ठेकेदार ने लकड़ी कटवाई थी। लकड़ी ग्राम रहुला से कटवाई गई थी। वहीं पूरा मामला खुल जाने से वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। खास बात यह है कि जिस बाग से लकड़ी काटी गई थी वहां से सागौन के पेड़ों की जड़ तक खोदी जा रही है। वन विभाग के दो अधिकारी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बाग को खेत जैसा बना दिया जाए। इस मामले पर बिलग्राम के रेंजर ओम प्रकाश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि लकड़ी तो सांडी या कन्नौज से भी आ सकती है। इसके बाद जब सवाल किया गया, कि रहुला से लकड़ी क्यों लोड हुई तो रेंजर ने फोन काट दिया और इसके बाद फोन रिसीव नहीं किया।