हरदोई। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लेकर बेटियों के उत्थान के लिए चल रहे अनगिनत कार्यक्रमों के बीच शर्मनाक घटनाएं होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। 26 अगस्त की शाम देहात कोतवाली क्षेत्र के महोलिया शिवपार में स्थित तालाब में मिली नवजात के शव का पोस्टमार्टम रविवार को किया गया।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक नवजात को जिंदा ही तालाब में फेंक दिया गया था। माना जा रहा है कि बेटी होने के कारण कलियुगी परिजनों ने उसे तालाब में फेंक दिया और बाद में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद दफन करा दिया। देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम महोलिया शिवपार में एक प्रसिद्ध मंदिर के पीछे प्राथमिक स्कूल है। स्कूल के सामने एक तालाब है। 26 अगस्त की शाम ग्रामीणों ने तालाब में कुत्तों को नवजात का शव नोचते देखा था। ग्रामीणों ने कुत्ते को भगाकर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने शिनाख्त के लिए शव को मोर्चरी में रखवाया था। 72 घंटे बाद भी जब शिनाख्त नहीं हुई, तो रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। सूत्रों के मुताबिक शव नवजात बच्ची का था। पोस्टमार्टम से जुड़े सूत्रों का दावा है कि नवजात के फेफड़ों में मिले पानी आदि स्पष्ट हो रहा है कि किसी चीज पर नवजात का सिर पटक उसे जिंदा ही तालाब में फेंका गया था। जिससे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट आने से मौत होने की पुष्टि हुई है। वहीं पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को दफन करा दिया।