हरदोई। पौने तीन साल पहले किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या किए जाने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट चंद्र विजय श्रीनेत ने दोषी चचेरे भाई-बहन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मुकदमे की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष अभियोजक क्षितीश कुमार दीक्षित ने बताया कि घटना की रिपोर्ट कासिमपुर थाने के चौकीदार मुन्नीलाल ने थाने पर 13 मार्च 2017 को दर्ज कराई थी। मुन्नीलाल ने बताया था कि कि खुर्दा व गौसगंज के बीच सई नदी में किशोरी का शव पड़ा है। उसके गर्दन पर चोट के निशान है।
विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर अतरौली थाना क्षेत्र के राम मदारपुर निवासी महिला जमुना व माधौगंज थाना क्षेत्र के उसके चचेरे भाई नीलकंठ को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से मृतका के कपड़े व हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर उन्हें नाबालिग के अपहरण, हत्या व दुष्कर्म के आरोप में जेल भेज दिया था। किशोरी (15) दादी की डांट से नाराज होकर रिश्ते में बड़ी अम्मा लगने वाली आरोपी महिला जमुना के घर चली गई थी। जमुना ने शादीशुदा चचेरे भाई नीलकंठ के साथ शादी का झांसा देकर उसे भेज दिया था।
नीलकंठ ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और 12 मार्च 2017 को जमुना के साथ मिलकर उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी कर जमुना को नाबालिग के अपहरण, हत्या व साक्ष्य मिटाने के अपराध में आजीवन कारावास व कुल 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। नीलकंठ को नाबालिग के अपहरण, हत्या, दुष्कर्म व साक्ष्य मिटाने के अपराध में आजीवन कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।