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Hardoi News: स्टाॅक न होने से सहकारिता के विक्रय केंद्राें पर ताले, आज से डीएपी पहुंचने की उम्मीद

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हरदोई। रबी फसलों की समय से बुवाई में डीएपी की उपलब्धता बाधक बन गई।
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मांग के सापेक्ष मुट्ठी भर डीएपी का आवंटन मिलने से सहकारिता के विक्रय केंद्रों पर किसानों को जरुरत के हिसाब से डीएपी नहीं मिल पा रही है। स्टॉक में डीएपी न होने से सहकारिता के विक्रय केंद्रों पर ताले लगे हैं। किसान मायूस और परेशान हो रहे हैं। सहकारिता विभाग ने डीएपी और एनपीएस खाद का आवंटन मिलने से बृहस्पतिवार से विक्रय केंद्रों पर खाद पहुंचवाने की व्यवस्था की है।
रबी फसलों की बुवाई के लिए अब एक सप्ताह और उपयुक्त समय बचा है। ऐसे में किसानों को समय से डीएपी न मिल पाने से बुवाई में देरी होने की आशंका सता रही है। सहकारिता के विक्रय केंद्रों पर कई दिनों से डीएपी का स्टॉक नहीं है, जिससे किसानों को मायूसी ही हाथ लग रही है। समय से डीएपी न मिलने से किसान परेशान हैं। कृषि विभाग की ओर से निजी विक्रेताओं और सहकारी विक्रय केंद्रों से किसानों को वितरित किए जाने के लिए 9,08,520 बोरी डीएपी का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से अभी तक जिले को 3,89,600 बोरी डीएपी ही मिली है। अधिकारियों का दावा है कि 3,51,860 बोरी का वितरण करा लिया गया है।
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शासन से 4,09,920 बोरी डीएपी की और मांग गई है। किसानों की पहली पसंद सहकारिता के विक्रय केंद्रों की डीएपी होने के कारण एनपीके का वितरण नहीं हो पा रहा है। बताया गया कि जिले के किसानों के लिए 16,564 मीट्रिक टन एनपीके का लक्ष्य रखा गया। जिसके सापेक्ष जिले में निजी विक्रेताओं की ओर से 11,952 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध कराई गई, लेकिन किसानों ने बमुश्किल 8,138 मीट्रिक टन ही एनपीके खरीदी है। 3,814 मीट्रिक टन एनपीके अभी भी स्टॉक में है।
बिलग्राम प्रतिनिधि के अनुसार, छिबरामऊ में बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति लि. का संचालन सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त के आदेशा पर कराया गया। डीएपी की 300 बोरी ही मिली थी, जिनका वितरण होने के बाद 7 नवंबर से समिति पर डीएपी नहीं है। समिति की सभापति सरिता सिंह और सचिव मुकेश तिवारी ने बताया कि डीएपी की मांग की गई है। तहसील मुख्यालय पर पीसीएफ केंद्र पर भी 10 दिन से डीएपी नहीं है। केंद्र पर प्रतिदिन किसान डीएपी के लिए आते हैं, लेकिन डीएपी न मिलने से वापस जाना पड़ता है। नवभारती किसान संगठन और भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने बिलग्राम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर डीएपी दिलाने की मांग की थी। पीसीएफ केंद्र प्रभारी अवध बिहारी ने बताया कि स्टॉक मिलने पर वितरण किया जाएगा।
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डीएपी स्टॉक में नहीं थी, जिससे विक्रय केंद्रों को भी आवंटन नहीं किया जा सका। 654.900 मीट्रिक टन डीएपी और 637.500 मीट्रिक टन एनपीएस का आवंटन मिल गया है। जिसे पीसीएफ के गोदाम में रखवाया गया है। बृहस्पतिवार से जिसका आवंटन विक्रय केंद्रों को किया जाएगा। बताया कि साथ ही इसके शासन ने इस बार निजी विक्रेताओं को आवंटित चंबल, पीपीएल, आईपीएल की डीएपी में से 30 प्रतिशत डीएपी सहकारिता के विक्रय केंद्रों से कराए जाने की व्यवस्था दी है। जिससे डीएपी की समस्या का समाधान संभव है। -आशीष कुमार मेहता, सहायक आयुक्त, सहकारिता
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