संडीला। मानसून से पहले नगर पालिका की तरफ से नाले-नालियों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। नगर पालिका अधिकारियों का दावा है कि सफाई कार्य लगभग 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है लेकिन जमीनी हकीकत में अधिकांश नाले और नालियां अब भी कूड़े और सिल्ट से पटे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में नगर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर में कुल 19 नाले-नालियां हैं। इनसे प्रतिदिन नगर का और वर्षा का पानी बाहर निकलता है। इनमें पांच बड़े, छह मंझले और और छोटे नाले शामिल हैं। पांच प्रमुख नालों में चक्कर सड़क से पसोजन पुलिया होते हुए ककराली नाले तक, कनौजिया मार्केट से पचकोहरा तक, नगर पालिका कार्यालय से गल्ला मंडी होते हुए प्रतिभा पुलिया तक, दर्जिन खेड़ा पुलिया से पसोजन पुलिया तक और हजरत अब्बास दरगाह से शोरा कोठी होते हुए मेवालाल पुलिया तक की सफाई और सिल्ट निकासी का कार्य 22 लाख की लागत से कराया जा रहा है। शेष 14 नालों की सफाई नगर पालिका अपने संसाधनों से करवा रही है।
अधिकारियों की तरफ से सफाई कार्य 60 प्रतिशत पूरा होने का दावा किया जा रहा है जबकि मौके पर यह कार्य लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक ही दिखाई देता है। सफाई कार्य 20 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में नगरवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मानसून के दौरान नगर पालिका जलभराव की समस्या से कितनी राहत दिला पाती है। वहीं नगर के नए वार्डों में जल निकासी की समस्या और भी गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान सड़क किनारे बने पुराने पालिका नालों को तोड़ दिया गया था। बाद में एनएचएआई की तरफ से अपने नाले तो बनाए गए लेकिन मोहल्लों के घरों के पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इसका सबसे अधिक असर मोहल्ला सुंबाबाग और बाबा हजारा बाग कॉलोनी में देखने को मिल सकता है। राष्ट्रीय राजमार्ग ऊंचा हो जाने से आसपास के मोहल्ले नीचे हो गए हैं जिससे बरसात में जलभराव की आशंका बढ़ गई है।
हर वर्ष बरसात में दुकान में पानी भर जाता
-मोहल्ला सदर बाजार निवासी अजय खन्ना ने बताया कि नगर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। हर वर्ष बरसात के दौरान जलभराव होने से उनकी दुकान में पानी भर जाता है इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
बाबा हजारा बाग के सभासद अजय द्विवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग बनने के बाद जल निकासी की समस्या बढ़ गई है। उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण बरसात में मोहल्ले में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
नालों की सफाई लगभग 60 प्रतिशत पूरी हो चुकी है और शेष कार्य जल्द पूरा करा लिया जाएगा। बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से प्रभावित मोहल्लों की समस्या को लेकर एनएचएआई को पत्र भेजा गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वह कूड़ा नाले-नालियों में न डालें बल्कि कूड़ा संग्रहण टीम को दें या फिर निर्धारित स्थानों पर ही डालें। अनिरुद्ध कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
फोटो 11: अजय खन्ना। स्रोत : स्वयं
फोटो 11: अजय खन्ना। स्रोत : स्वयं
फोटो 11: अजय खन्ना। स्रोत : स्वयं