फोटो-01- गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगीं महिलाएं। संवाद
हरदोई। खाड़ी देशों में युद्ध से उपभोक्ताओं को रसोई में चूल्हा जलाने के लिए एक अदद सिलिंडर की आवश्यकता पूर्ति के लिए लाइन में समय बिताना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के कार्यालयों पर सिलिंडर संग उपभोक्ता पहुंच रहे हैं। उपभोक्ता बुकिंग न होने, पर्ची न कटने व डिलीवरी न होने की समस्या के समाधान के साथ ही ई-केवाईसी भी करा रहे हैं।
खाड़ी देशों में युद्ध ने यहां पर आम उपभोक्ताओं की दिनचर्या को बदल दिया है। पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति और परिवहन की समस्या से बड़ी संख्या में आम उपभोक्ता को अपने घर की रसोई में चूल्हा जलाने के लिए सिलिंडर की रिफिल पाने के लिए दिन की शुरूआत गैस एजेंसी कार्यालय पर लाइन से करनी पड़ रही है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद कई-कई दिनों तक सिलिंडर की डिलीवरी नहीं मिल पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद पर्ची कटवाने के लिए भी एजेंसी कार्यालय आना पड़ रहा है।
वहीं ई-केवाईसी न होने के कारण बुकिंग नहीं हो पाती है। इसके लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है और साथ ही मोबाइल नंबर भी पंजीकृत कराना पड़ता है। ऐसे में रसोई का गैस चूल्हा जलता रहे इसके लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता एजेंसी कार्यालयों पर सुबह से ही लाइन में लगने को विवश हैं।