समग्र ग्रामों में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्रों के
निर्माण को पंचायत राज विभाग अब बाल विकास विभाग का खेवनहार बनकर उभरा है।
निर्माण एजेंसियों द्वारा मना करने से अब पंचायत राज विभाग ने निर्माण
कार्य कराने की सहमति जताई है।
सोमवार को निर्माण कार्य को लेकर अफसरों के
बीच मंथन हुआ है और अब पंचायत राज विभाग से वित्तीय वर्ष 14-15 के
प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि, अभी अफसरों
से मंजूरी ली जानी है। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना से चयनित
गांवाें में बाल विकास विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाना
है।
शासन ने केंद्र के निर्माण को 5.38 लाख रुपये की राशि निर्धारित की है,
जो दो वर्ष पहले बने स्टीमेट पर आधारित है, जबकि अब निर्माण सामग्री के
दाम बढ़ चुके हैं। जिसको लेकर ही निर्माण एजेंसियों ने तो कार्य करने से
हाथ खींच लिए हैं। जिले में वित्तीय वर्ष 12-13 के नौ आंगनबाड़ी केंद्र तो
जैसे तैसे बन गए।
पर वित्तीय वर्ष 13-14 के 46 आंगनबाड़ी केंद्रोें का
निर्माण कराने में डीपीओ को पसीने आ गए। आरईएस व पीडब्ल्यूडी ने तो निर्माण
कार्य करने से मना कर दिया, पर किसी तरह समाज कल्याण निर्माण निगम ने 26
आंगनबाड़ी केेंद्रों के निर्माण का जिम्मा लिया, वहीं 20 केंद्रों का
निर्माण बीडीओ करा रहे हैं।
इसी बीच वित्तीय वर्ष 14-15 के 13 आंगनबाड़ी
केंद्रों को स्वीकृति मिल गई, पर अब उन आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को
लेकर भी संशय की स्थिति बन गई। लागत कम होने तथा 63 हजार रुपये मनरेगा के
शामिल होने से अबकी समाज कल्याण निर्माण निगम ने भी हाथ खड़े कर दिए। जिसको
लेकर समस्या आ गई।
हालांकि, अब वित्तीय वर्ष 14-15 के आंगनबाड़ी केंद्रों
का निर्माण पंचायत राज विभाग से कराने का फैसला किया गया। सोमवार को डीपीओ
प्रकाश कुमार, डीपीआरओ हरिशंकर मिश्र, उपायुक्त मनरेगा अनिल सिंह व एई एमआई
शैलेंद्र सिंह ने पंचायत राज विभाग से निर्माण को लेकर मंथन किया और अब
पंचायत राज विभाग से निर्माण कराया जाएगा।
उधर, वित्तीय वर्ष 14-15 के
अंतर्गत चयनित गांवों में से 13 में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण होना है।
इनमें भरावन के पुवायां, गोड़वा, डकवा, कोथावां के भीखपुर व बड़सरा, बेहंदर के हेवली, शाहाबाद के असलापुर व
गुटकामऊ, बावन का नेवादा, हरियावां का लोहकनपुर, सुरसा का
भैनामऊ, बिलग्राम का जरौलीकला और अहिरोरी का अटवा कटैया आदि हैं।