- फोटो 47- डाउन रूट पर अर्थिंग वायर को लकड़ी के बोटे से इस तरह से उठाया गया। स्रोत : विभाग
- अर्थिंग वायर को लकड़ी के बोटे में फंसाकर रखा, गुजरी राजधानी
- लखनऊ-काठगोदाम एक्सप्रेस के ड्राइवर ने दी सूचना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। लखनऊ-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर ट्रेन पलटाने की साजिश सोमवार शाम दलेलनगर-उमरताली स्टेशन के बीच की गई। दलेलनगर और उमरताली रेलवे स्टेशन के बीच पटरी को अर्थिंग देने वाले लोहे की पट्टी को लकड़ी के बोटे में फंसाकर उठा दिया गया।
डिब्रूगढ़ से दिल्ली के बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस ट्रैक से निकली, तो पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। पायलट ने लकड़ी का बोटा हटाकर ट्रेन निकाल ली और सूचना स्टेशन मास्टर को दी। राजधानी एक्सप्रेस गुजरने के कुछ देर बाद काठगोदाम से लखनऊ जाने वाले एक्सप्रेस को भी वैसी ही स्थिति मिली। काठगोदाम एक्सप्रेस के पायलट ने भी ट्रेन को रोका। पायलट की सूचना पर आरपीएफ भी मौके पर पहुंची। अर्थिंग वायर और बोटा हटाकर ट्रैक पर आवागमन को सुचारु किया गया। अराजकतत्वों ने दलेलनगर उमरताली के मध्य दो ट्रेनों को बेपटरी करने की साजिश रची। लोको पायलट की सूझबूझ से दोनों ट्रेन डिरेल होने से बच गई। सोमवार की शाम करीब 5:45 बजे दलेलनगर उमरताली के बीच किलोमीटर संख्या 1129/14 पर लखनऊ जा रही 20504 नई दिल्ली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस डिरेल होने से बच गई। अराजकतत्वों ने रेलवे ट्रैक को अर्थिंग देने वाले लोहे के तार को लकड़ी के बोटे से फंसा कर लोहे की पट्टी को उठा दिया। राजधानी एक्सप्रेस के लोको पायलट ने सूझबूझ का परिचय देकर ट्रेन का इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक दिया और ट्रैक पर रखे अर्थिंग वायर और लकड़ी के गुटखे को हटाकर रेल अधिकारियों को मामले की सूचना दी। लगभग 5 से 10 मिनट तक राजधानी एक्सप्रेस रास्ते में खड़ी रही।
राजधानी एक्सप्रेस के किलोमीटर संख्या 1129/14 से सकुशल गुजरने के बाद अराजकतत्वों ने पीछे आ रही 15044 काठगोदाम लखनऊ एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश रची। काठगोदाम लखनऊ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने ट्रैक पर रखे गए लकड़ी के गुटके लोहे के अर्थिंग वायर को हटाकर ट्रेन को लखनऊ ले गया।
लोको पायलट ने मामले की जानकारी दलेलनगर स्टेशन मास्टर को दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे रेल अधिकारियों ने ट्रैक की जांच कर शाम लगभग 7:30 बजे ट्रैक को फिट घोषित कर दिया। सूचना लगते ही मौके पर जीआरपी हरदोई के प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश सिंह, बालामऊ आरपीएफ के प्रभारी समेत स्थानीय रेल अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
हरदोई में एक बार फिर अराजकतत्वों ने दो ट्रेनों को डिरेल करने की बड़ी साजिश रची थी। लोको पायलट की सजगता से एक बार फिर हरदोई में बड़ा रेल हादसा होने से टल गया। हरदोई में पहले भी अराजकतत्वों ने भारतीय रेल को अपना निशाना बनाया है। अभी कुछ दिन पूर्व हरदोई रेलवे स्टेशन के आउटर पर अराजकतत्वों ने लोहे के बोल्ट ट्रैक पर रख ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रची थी वही उससे पूर्व दिलावर नगर में रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का मोटा गुटखा रखकर अराजकतत्वों ने ट्रेन को डिरेल करने की साजिश की।