सांडी क्षेत्र में बालकराम के खेत में कुछ यूं दिखे जानवर के पंजों के निशान। संवाद
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सांडी। मंगलवार को वन विभाग की टीमें पाली में बाघ की तलाश में कांबिंग करती रहीं और इस बीच सांडी के ग्राम नसीरपुर में बाघ के पंजे के निशान मिलने से हड़कंप मच गया।
शनिवार और रविवार को पाली के रायपुर भज्जापुर और कंहरई नकटौरा में खेतों में बाघ के पंजों के निशान मिले थे। सोमवार को शाहाबाद, हरपालपुर व हरदोई की टीमें इन्हीं गांवों के इर्द गिर्द कांबिंग करती रहीं।
मंगलवार को भी चार टीमों ने पाली के रूपापुर के आसपास गांवों में कांबिंग की। इस दौरान सांडी के ग्राम नसीरपुर व कोईलाई से आदमपुर के बीच जानवर के पंजों के निशान देख किसानों ने पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। किसान बालकराम, शिवराम सिंह, भैय्यालाल, रामनरेश, विनय, वेदप्रकाश कुशवाहा ने बताया कि पंजे के निशान बाघ के हैं। इससे ग्रामीणों में भय है। रेंजर हनुमान प्रसाद ने इसकी पुष्टि की। डीएफओ विमल कुमार ने बताया कि चार टीमें सांडी भेजी गईं हैं। बाघ की स्थिरता पर कैमरे लगवाकर तलाश की जाएगी।
पाली के किसानों ने ली राहत की सांस
सांडी में बाघ पहुंचने की सूचना मिलते ही पाली क्षेत्र के गांवों में किसानों ने राहत की सांस ली। यहां बाघ दिखने पर किसानों ने गन्ने की छिलाई बंद कर दी थी। अब फिर से कार्य शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों को किया सतर्क
पाली के उन गांवों में जहां पंजे पाए गए, वहां और आसपास क्षेत्र में वन विभाग की टीमें ग्रामीणों को सतर्क करती दिखीं। टीमों ने अपील की कि लापरवाही न बरतें। समूह बनाकर ही घर से निकलें।