हरदोई। बीते कुछ दिनों से बढ़ी सर्दी ने हृदय और दमा रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोहरा और शीतलहर में इजाफा होने की वजह से इमरजेंसी में रोजाना पांच से छह मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। अधिकतर मरीज 50 से 60 वर्ष के आ रहे हैं। चिकित्सकों ने मरीजों को सर्दियों में खास ख्याल रखने की हिदायत दी है।
सर्दियों की दस्तक होते ही सांस संबंधी बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। सबसे अधिक खतरा वृद्धों को हो रहा है। इसके लिए इमरजेंसी में पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ताकि मरीजों का सही से उपचार हो सके। इसके बावजूद मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। इन दिनों रोजाना पांच से छह मरीज सांस संबंधी बीमारी को लेकर पहुंच रहे हैं। बीते पांच दिनों में करीब 40 मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर उपचार दिया जा चुका है। इनमें करीब 15 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य झींगरन बताते हैं कि ठंडी हवा से सांस की नली संकीर्ण होने लगती है। साथ ही रक्त भी गाढ़ा होने लगता है। इस कारण समस्या बढ़ जाती है।
केस-1- शहर के धन्नूपुरवा निवासी 57 वर्षीय मुन्ना को सर्दियां बढ़ते ही सप्ताह भर से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। परिजनों ने उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया लेकिन कुछ सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
केस-2- मढिया निवासी 45 वर्षीय बबलू को भी सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया गया। चिकित्सकों ने उनकी ईको जांच कराई है। कुछ उपचार के बाद अब उनको राहत है लेकिन उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ रही है।
बीपी की नियमित जांच कराएं
हरदोई। ठंड में ब्लड प्रेशर के मरीजों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. श्रीकांत ने बताया कि शरीर का तापमान सामान्य रखें। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें। नियमित चेक कराते रहें। इसके अलावा जब सुबह सोकर उठें तो तुरंत बाहर न निकलें।
यह बरतें सावधानियां
-बाहर जाते समय स्कार्फ या मास्क पहनें।
-जब प्रदूषण का स्तर अधिक हो तो घर के अंदर ही रहें, जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।
-ठंडी हवा के साथ-साथ ठंडे पेय या खाद्य पदार्थों से भी बचें।
-दवाएं और इनहेलर साथ रखें, समय पर इस्तेमाल करें।
श्वांस व अस्थमा के मरीजों को शीत लहर में काफी सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। सर्दी, जुकाम के साथ ही सांस में दिक्कत होने के मरीज बढ़े हैं। श्वांस के मरीजों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था है। उनका इलाज किया जा रहा है। -डॉ. अमित आनंद, इमरजेंसी प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
फोटो-11- रामबक्श। फाइल फोटो