हरदोई। जुआ खेलने के दौरान तीन साथियों ने फल की ठेली लगाने वाले दोस्त से 20 हजार रुपये छीन लिए।
वापस मांगने पर मारपीट की। इसी दौरान युवक ने यूपी 112 पर कॉल कर दी। इसका पता चलते ही साथियों ने मोबाइल छीनकर फेंक दिया और युवक की हत्या कर दी थी। 23 अक्तूबर से लापता युवक का शव दो नवंबर को क्षत-विक्षत अवस्था में शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के उधरनपुर गांव में मिला था। मंगलवार को पुलिस की विशेष टीम ने घटना का खुलासा कर दिया। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक की तलाश की जा रही है।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के उधरनपुर निवासी गौतम उर्फ गबदू शाहजहांपुर जनपद में मिश्रीपुर मोड़ पर फलों की ठेली लगाता था। दिवाली पर वह घर आया था। इसके बाद 23 अक्तूबर को वह लापता हो गया था। दो नवंबर को उसका शव बेहटा कोला गांव के बाहर गन्ने के खेत में मिला था। पोस्टमार्टम में सिर में गंभीर चोटें आने से मौत की बात सामने आई थी। मृतक के भाई राजपाल मौर्य की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायन के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम घटना का खुलासा करने के लिए गठित की थी। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायन ने बताया कि 23 अक्तूबर की रात गौतम गांव के ही दोस्त दीपक कटियार, अनुज पाल व एक अन्य युवक के साथ जुआ खेल रहा था। गौतम के पास 20 हजार रुपये थे। दीपक, अनुज व अनीस पाल यह रुपये गौतम से छीन रहे थे।
इस दौरान गौतम ने यूपी 112 पर कॉल कर दिया। यह देखकर आरोपियों ने मोबाइल छीनकर फेंक दिया। छीना झपटी के दौरान गौतम जमीन पर गिर गया और उसके सिर में ईंट लग गई। इसके बाद आरोपियों ने ईंट से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। शव गन्ने के खेत में फेंककर चले गए। पुलिस ने दावा किया कि दीपक और अनुज पाल को गिरफ्तार किया गया है। इनके साथ ही अनीस पाल की तलाश की जा रही है। दीपक और अनुज को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से दोनों को जेल भेज दिया गया।
इनसेट
रिकॉर्ड नहीं हुई थी कॉल लेकिन 45 सेकेंड की कॉल ने कर दी मदद
गौतम ने रुपये छीने जाने के दौरान यूपी 112 पर कॉल की थी। कॉल रिकॉर्ड तब होती है जब मोबाइल के पैड से चार दबाया जाता है। इससे पहले ही आरोपियों ने गौतम का मोबाइल छीनकर फेंक दिया था। 45 सेकेंड तक कॉल चलने के बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो गई थी। यहीं से पुलिस को अहम सुराग मिला। इसके बाद 27 मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल का रिकॉर्ड निकलवाया गया। इनमें कुछ संदिग्ध नंबर मिले। यूपी 112 पर कॉल करने से पहले गौतम ने आरोपी अनुज पाल को भी कॉल की थी। इसके बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ी तो पूरा मामला खुल गया।