हरदोई। लखनऊ रोड के चौड़ीकरण के कारण बिजली लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया अब आम जनता के लिए आफत बन गई है। शुक्रवार को लाइन शिफ्टिंग के काम के चलते पूरे शहर की बिजली आपूर्ति पटरी से उतर गई। एक ही लाइन पर क्षमता से अधिक लोड पड़ने के कारण एक-एक कर चार विद्युत उपकेंद्र बंद हो गए। सबसे हालात खराब 33 केवीए मन्नापुरवा उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों का रहा, जहां दिनभर आपूर्ति बाधित रही।
शहर के लिए 132 केवीए मन्नापुरवा से 33 केवीए की बिजली लाइन आई है। जिसके विद्युत पोल लखनऊ रोड पर लगे हुए हैं। इन दिनों लखनऊ मार्ग के ग्राम खेतुई से शहर के लखनऊ चुंगी तक का सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। मार्ग के चौड़ीकरण के कारण बिजली लाइन को पीछे की ओर से शिफ्ट किया जा रहा है। जिस कारण बिजली लाइन के आसपास की बिजली लाइन को हादसे की संभावना को देखते हुए बंद कर दिया जाता है। शुक्रवार को भी बिजली लाइन की शिफ्टिंग का कार्य किया गया।
इसके साथ ही शिफ्ट की गई सिटी व कोयल बाग की नई लाइन को चार्ज किया जा रहा था। जिस कारण सिटी व कोयल बाग कॉलोनी की बिजली लाइन चौराली उपकेंद्र से जोड़ दी गई। इससे चार बिजली लाइन एक ही 33 केवीए लाइन पर हो गए। इससे लाइन पर ओवरलोड बढ़ गया। जिस कारण सिटी व कोयल बाग कॉलोनी के फीडरों की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। इससे बिजली उपभोक्ता परेशान हुए। 33 केवीए मन्नापुरवा की लाइन की भी शिफ्टिंग की जा रही थी। जिस कारण उपकेंद्र से टाउन प्रथम व द्वितीय की आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा सांडी रोड विद्युत उपकेंद्र पर काम होने के कारण सांडी रोड शहर व ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र की आपूर्ति दो घंटा तक बाधित रही। पूरे दिन बिजली कटौती के कारण उपभोक्ता परेशान हुए। उपखंड अधिकारी प्रेम राज ने बताया कि बिजली लाइन पर काम होने के कारण समस्या आ रही है। अभी एक सप्ताह तक आपूर्ति अनियमित रहेगी।
आंधी से 13 विद्युत उपकेंद्र क्षतिग्रस्त, शाहाबाद व सुरसा की आपूर्ति प्रभावित-
बृहस्पतिवार को आई आंधी का असर बिजली लाइनों पर पड़ा। आंधी के कारण सुरसा क्षेत्र में तीन विद्युत पोल और उसकी बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित है। वहीं शाहाबाद विद्युत वितरण खंड क्षेत्र में आंधी के कारण नौ विद्युत पोल व बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो जाने से क्षेत्र की आपूर्ति बाधित है। अधिशासी अभियंता शाहाबाद भजन लाल ने बताया कि बिजली लाइन का सर्वे हो गया है। जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।