हरदोई। रंगोत्सव के बाद पहली बार आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला रविवार को फीका रहा। मेले में रविवार को काफी कम संख्या में मरीज पहुंचे। चिकित्सक भी मेले में नहीं आए और जूनियर चिकित्सकों और फार्मासिस्ट के भरोसे आरोग्य मेले का आयोजन हुआ।
दृश्य-1- शहर के मोहल्ला आलू थोक उत्तरी बगियापुरवा में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान सुबह 11:35 बजे तक सिर्फ 12 मरीज ही आए थे। ज्यादातर मरीज खांसी, जुकाम और चर्म रोग के थे। जन आरोग्य मेले के लिए प्रभारी चिकित्सक डॉ. यश दोपहर तक यहां नहीं पहुंचे। डॉ. स्पर्श और डॉ. प्राप्ति ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दीं। यहां फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन मौजूद रहे।
दृश्य-2- पिहानी विकास खंड के जहानीखेड़ा स्थित न्यू पीएचसी में जन आरोग्य मेला का आयोजन हुआ। मेले में सिर्फ नौ मरीज पहुंचे। डॉ. शिवली रियाज ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसी तरह न्यू पीएचसी मिश्राना में चिकित्सक तो नहीं पहुंचे, लेकिन फार्मासिस्ट फरहान ने पांच रोगियों को जांच कर दवाएं दीं।
सांस के मरीज आने पर किया गया रेफर
हरदोई। जन आरोग्य केंद्र की चिकित्सक डॉ. प्राप्ति और डॉ. स्पर्श बताते हैं कि आयुष्मान मंदिर में दवाएं पर्याप्त हैं और जांच किटें भी उपलब्ध हैं। मरीजों का परीक्षण कर दवा दी जाती है। अभी 65 वर्षीय मरीज सुमन को सांस की दिक्कत होने पर मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग विशेषज्ञ को दिखाने के लिए भी रेफर किया गया। इसके अलावा मो. सदफ को भी और अन्य जांच कराने के लिए मेडिकल काॅलेज जाने की सलाह दी गई।
होली के बावजूद सभी सीएचसी और विशेषकर पीएचसी पर चिकित्सकों की उपस्थिति के निर्देश दिए गए थे। जन आरोग्य मेले में भी उपस्थिति अनिवार्य है। मरीजों की संख्या कम है तो भी चिकित्सक पहुंचने चाहिए। जहां चिकित्सक नहीं गए हैं, वहां जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. रोहताश कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी