फोटो 17: दसवीं मुहर्रम पर पिहानी में ताजिया और ताबूत का जुलूस निकालते शिया। संवाद
हरदोई। 10वीं मुहर्रम को यौम-ए-आशूरा पर शियाओं ने जुलूस निकाल कर छुरी और ब्लेड का मातम करते हुए यादे गमे हुसैन ने अपने सीने लहूलुहान कर लिए। जुलूस से पहले मोहल्ला मोमिनाबाद में बरपा हुई मजलिस-ए-अजा में मौलाना मेहंदी ने शहादते हुसैन के मकासिद बयान करते हुए कहा कि कर्बला के बहत्तर शहीदों ने अपनी जान देकर सच्चाई, इंसानियत और हक परस्ती को जिंदगी बख्शी थी।
उन्होंने कहा कि मेरे इमाम ने साबित कर दिया कि राहे खुदा में मर मिटने वाले हमेशा जिंदा रहते हैं। इसके बाद जुलूस मोमिनाबाद चौराहा, रफी अहमद किदवाई चौराहा, सिनेमा चौराहा और अमर जवान चौक होते हुए डाक बंगले के सामने से डीएम चौराहा होकर पिहानी रोड पर स्थित कर्बला आया। अलविदाई नौहा पढ़कर नाम आंखों से ताजिये सुपुद-ए-खाक कर दिए गए। जगह-जगह शामे गरीबां की मजलिसें हुईं।
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बावन में 10वीं मुहर्रम पर ताजिये कर्बला में सुपुद-ए-खाक किए गए। इमामबाड़े से बड़ा ताजिया उठाया गया। कदीम रास्तों से होकर गुजरा जुलूस बड़ी मस्जिद के पास पहुंचा। यहां मेले जैसा माहौल रहा। इससे पहले इमाम चौकों व घरों में कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ का सिलसिला चला। लंगर बांटा गया। यहां हमीद अहमद पप्पू, शकूर खान, फहीम कुरैशी, बबलू, सुल्तान खां, हयात खां, यासीन, नौशाद खान, असद खान, जकी खान, शराफत खान, अय्यूब खान, बन्ने, आरिफ नेता, शीबू खां, अनीस ख़ां, आतिफ खां आदि लोग मौजूद रहे।
ताजिए दफन कर शाम-ए-गरीबां मनाई
पिहानी। 10वीं मुहर्रम पर कर्बला में ताजिए दफन कर शाम-ए-गरीबां मनाई गई। कोटकलां में शुहदा-ए-करबला की याद में मशाल जुलूस निकाला गया। कोटकलां स्थित इमाम चौक से ताजिये लेकर जुलूस रवाना हुआ। इसमें शामिल अजादार नौहाख्वानी व सीनाजनी करते हुए रौजा गेट पहुंचे। छिपीटोला से एक अन्य जुलूस भी रौजा गेट पहुंचा। इसमें शामिल इमाम हुसैन की शबीह-ए-ताबूत को अकीदतमंदों ने बोसे दिए और चढ़ावा चढ़ा कर मन्नतें मानीं। मजलिस के बाद जुलूस मिश्राना और भाटन टोला होते हुए कर्बला पहुंच कर संपन्न हो गया। कर्बला में अलविदाई नौहे के साथ ताजिए सुपुर्द खाक कर दिए गए। यहीं अजादारों ने फाका शिकनी की। शाम को मशाल जुलूस निकाल कर शुहदा-ए-करबला की याद ताजा की गई।
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ढाई सौ वर्ष पुराने कल्लू चौधरी का शाही ताजिया देखने को उमड़ी भीड़
संडीला। 10वीं मुहर्रम पर शुक्रवार को ढाई सौ वर्ष पुराना कल्लू चौधरी का शाही ताजिया निकाला गया। आयोजक कमेटी के अध्यक्ष चौधरी मोहम्मद नदीम ने व्यवस्थाएं संभालीं। जुलूस में किसान टोला समेत अन्य मोहल्लों के जुलूस भी शामिल हुए। कर्बला में या हुसैन की दर्दनाक सदाओं के बीच ताजिए दफन कर दिए गए। फाका शिकनी का अलम निकाल कर सोज और नौहे पढ़े गए। इससे पहले शब-ए-आशूरा पर इमामबाड़ों, अजाखानों और घरों में ताजिए सजा कर आमाल किए गए। अंजुमन सिबतैनिया की ओर से इमामबाड़ा नाजिम हुसैन से डॉ. सरताज शब्बर रिजवी के नेतृत्व में जुलूस-ए-अम्मारी निकाला गया। अंजुमन रिजविया और अंजुमन सिबतैनिया ने गश्ती अलम निकाला।
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मल्लावां में 10वीं मोहर्रम पर कस्बे व ग्रामीण क्षेत्र में शुहदा-ए-करबला की याद में जुलूस निकाला गया। इमाम चौक से ताजियों को उठाया गया। बारह और सोलह कहार के ताजिये लेकर जुलूस परंपरागत रास्तों पर पहुंचा। रास्ते भर नोहाख्वानी और सीनाजनी का सिलसिला चला। छत्ताटोला, नितगंजा बाजार, कजीटोला, बड़ा दरवाजा, गोवर्धनपुर, बाजीगंज, खजुआ तालाबव बंदीपुर आदि में गमगीन माहौल में जुलूस निकाला गया। देर शाम को कर्बला में ताजिये दफन कर दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों राघौपुर, मटियामऊ, गंज जलालाबाद, सराय सुल्तान, बासा, काजीपुर सहित कई गांवों में भी ताजिये कर्बला ले जाकर दफन कर दिए गए।
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माधौगंज में मुहर्रम पर ताजियादारों ने निर्धारित मार्गों से ताजिये निकालकर करबला में सुपुर्द-ए-खाक किए। विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिये मुख्य बाजार, तिकोनिया पार्क और घूरे मियां की चक्की होते हुए आगे बढ़े। वहां दौलतयारपुर से आए पांच ताजिये भी जुलूस में शामिल हो गए। इसके बाद दोनों स्थानों के दो दर्जन से अधिक ताजिये एक साथ रेलवे क्रॉसिंग पार कर कर्बला पहुंचे। ताजियादारों ने नम आंखों से ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया। कुरसठ में भी ताजियों का जुलूस निकाला गया।
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इमामबाड़ा से निकला 32 कहारों वाले ताजिया का जुलूस
बिलग्राम। प्रसिद्ध 32 कहार का ताजिया जुलूस जुलूस बड़े इमामबाड़ा से शुरू होकर मौज-ए-फरात होते हुए करबला पहुंचा। अंजुमनों ने नौहाख्वानी करते हुए छुरी व जंजीर का मातम कर शुहदा-ए-करबला को पुरसा दिया। इससे पहले मैदानपुरा से सफेद ताजिया निकाला गया। अजादारों ने मातम कर गमे हुसैन का इजहार किया।
फोटो 17: दसवीं मुहर्रम पर पिहानी में ताजिया और ताबूत का जुलूस निकालते शिया। संवाद
फोटो 17: दसवीं मुहर्रम पर पिहानी में ताजिया और ताबूत का जुलूस निकालते शिया। संवाद
फोटो 17: दसवीं मुहर्रम पर पिहानी में ताजिया और ताबूत का जुलूस निकालते शिया। संवाद
फोटो 17: दसवीं मुहर्रम पर पिहानी में ताजिया और ताबूत का जुलूस निकालते शिया। संवाद
फोटो 17: दसवीं मुहर्रम पर पिहानी में ताजिया और ताबूत का जुलूस निकालते शिया। संवाद