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Hardoi News: सेंट्रल लैब में अव्यवस्था, समय से नहीं मिल रही जांच रिपोर्ट

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हरदोई। जिले के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की सेंट्रल लैब में अव्यवस्थाएं हावी होती जा रही हैं। तमाम आधुनिक मशीनों के बावजूद रक्त और अन्य नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने में मरीजों को देरी का सामना करना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ इलाज प्रभावित हो रहा है बल्कि मरीज और तीमारदारों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को चिकित्सक बेहतर इलाज के लिए विभिन्न प्रकार की खून की जांचें कराने के लिए परामर्श देते हैं। मरीज ब्लड सैंपल तो दे देते हैं लेकिन उन्हें जांच रिपोर्ट समय से नहीं मिलती है। सीबीसी और अन्य मामूली जांचों को छोड़ दें तो अन्य जांचों के लिए मरीजों को दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ता है जबकि स्थिति यह है कि सेंट्रल लैब में आधुनिक मशीनें लगी हुई हैं। इनमें एक साथ कई ब्लड सैंपल लगाए जा सकते हैं। इसके बाद भी थायराइड समेत, एचबीएसएजी, यूरीन कल्चर समेत कई जाचों की रिपोर्ट अगले दिन न मिलकर कई दिन तक नहीं मिलती है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है।


इलाज में देरी से बढ़ रही मुश्किल
जांच रिपोर्ट में देरी का सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है। चिकित्सकों को रिपोर्ट न मिलने के कारण सही समय पर बीमारी का पता लगाने और उपचार शुरू करने में मुश्किल हो रही है। गंभीर मरीजों के लिए यह देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
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तीन दिन बाद भी नहीं मिली पूरी रिपोर्ट

केस-1- सांडी के राम कुमार ने बताया कि उनके मरीज का इलाज शुरू करने से पहले डाॅक्टर ने जांच लिखी थी। इनमें कई जांचें थीं, तीन दिन पहले रक्त नमूना निलकवाकर गए थे। मरीज वार्ड में भर्ती है आज रिपोर्ट मिली है। इसमें भी अभी दो जांचों की रिपोर्ट नहीं आई है। डॉक्टर कह रहे हैं कि रिपोर्ट आने के बाद ही सही दवा शुरू हो पाएगी।



केस-2- शहर के राधा नगर के ऋषभ मिश्रा ने बताया कि उन्हाेंने भी जांच के लिए रक्त नमूना दिया था। मामूली जांच करानी थी। इसकी रिपोर्ट शाम तक मिल जानी चाहिए थी लेकिन दूसरा दिन हो गया अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली। डॉक्टर ने दवा तो लिखी है लेकिन सही दवा जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही मिलेगी।


सॉफ्टवेयर में बदलाव से दिक्कत

जांच रिपोर्ट सभी मरीजों को समय से देने का प्रयास किया जा रहा है। अभी सॉफ्टवेयर में भी कुछ बदलाव हुआ है। इस वजह से भी रिपोर्ट में देरी हो रही है। एक बार पूरा सेटअप होने के बाद मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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-डॉ. जेबी गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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