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प्रेम और सद्भाव से मनाएं होली

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हरदोई। होलिकोत्सव को लेकर कई धर्मों के अनुयायियों एवं अध्यात्मिक वक्ताओं ने कहा कि होली का पर्व प्रेम का पर्व है। प्रेम रंग में रंगने वाले इस पर्व को हम हमेशा सद्भाव से मनाते आए है। सद्भाव की परंपरा हमेशा बरकरार रहनी चाहिए ।
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अध्यात्मिक वक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुमत प्रसाद जैन ने कहा कि होली पर हम सभी एक दूसरे के साथ प्रेम सद्भाव से मनाते आए हैं। कोरोनाकाल में रंगों से दूर रहे, मगर प्रेम के भाव से सभी के निकट रहे हैं।
इस बार परंपरागत ढंग से सभी के साथ होली मनाएंगे। गिरिजाघर के प्रबंधक अनिल सिंह ने कहा कि हमारे पुरखों के समय से ही होली का पर्व सबके साथ प्रेम सद्भाव से मनाने की परंपरा चली आ रही है।
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गिरिजाघर के बाहर हम स्वयं वर्षा से लोगों को गुलाल लगाकर बधाई दे रहे हैं। हमारा यह सद्भाव परंपरा बनी रहें।
अध्यात्मिक वक्ता एवं कायाकल्प केंद्र के संस्थापक डॉ. राजेश मिश्र ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में प्रेम और सद्भाव है। होली का पर्व पूरे विश्व में प्रेम एवं सद्भाव के लिए जाना जाता है।
कहा कि हमारा यह सद्भाव संस्कृति प्रेम युगों युगों से चला आ रहा है। हम साथ साथ सभी पर्व मनाते हैं। एक दूसरे के प्रति प्रेम सद्भाव यही हम सभी की विशेषता है।
रेलवेगंज स्थित गुरुद्वारा प्रबंध समिति से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता जोगिंदर सिंह गांधी कहते हैं कि हमारे शहर की फिजा में सद्भाव भाईचारा है। होलिका दहन की शुरुआत यहीं से होने की किवदंती है।
होलिका का पूजन एवं प्रेम रंग के रंगों से रंगने वाला होली पर्व पर हम सभी परंपरागत ढंग से मनाएं। डॉ. मौलाना मोहम्मद हसन कासमी ने कहा कि सभी धर्म मजहब प्रेम सेवा सद्भाव का संदेश देते हैं। होली का पर्व प्रेम सद्भाव भाईचारे का है।
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