हरियावां (हरदोई)। थानाक्षेत्र हरियावां से गाजियाबाद जा रही कार शाहजहांपुर जनपद में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कार चला रहे हरियावां के मूल निवासी गाजियाबाद के कारोबारी की मौत हो गई। कार में सवार आठ अन्य लोग घायल हो गए। जिनमें दो सगी बहनों सहित तीन की हालत गंभीर है। इन तीनों को उपचार के लिए शाहजहांपुर जिला अस्पताल भेजा गया। जहां से हालत गंभीर होने पर बरेली रेफर किया गया है।
हरियावां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरियावां निवासी योगेश शुक्ला उर्फ बड़े भईया (45) पुत्र कल्लू शुक्ला पिछले 15 वर्ष से गाजियाबाद के लोनी इलाके में रहते थे। वह तांबे का कारोबार करते हैं। बीती 27 जून को ग्राम हरियावां में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने योगेश अपनी कार से गांव आए थे। शुक्रवार तड़के लगभग साढ़े चार बजे वह गांव से गाजियाबाद जाने के लिए कार से निकले थे। गांव के ही विमलेश (32) पुत्र रावेंद्र, मनोरमा पत्नी महेश, प्रेमलता पत्नी श्रीनिवास, मृदुल पुत्र पप्पू, कविता (45) पत्नी सुनील और उसका पुत्र अभिषेक (18), प्रियंका (10) और प्रज्ञा (14) पुत्री नीरज भी दिल्ली जाने के लिए कार में सवार हो गए थे। शाहजहांपुर जनपद में लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजगार्म पर कटरा के निकट योगेश की कार अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना में कार चला रहे योगेश शुक्ला की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में प्रियंका, प्रज्ञा और विमलेश की हालत गंभीर होने पर शाहजहांपुर जिला चिकित्सालय से बरेली मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। घटना की जानकारी पर हरियावां के ग्रामीण बड़ी संख्या में शाहजहांपुर के पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लाया गया। मृतक के परिवार में पत्नी पुष्पा के अलावा दो पुत्र प्रवेश शुक्ला (20) और रमेश शुक्ला (18) व दो पुत्रियां डॉली (10) और नैंसी (7) हैं।
गांव में पसरा मातम
योगेश शुक्ला उर्फ बड़े भईया गाजियाबाद में स्थापित होने के बाद भी लगातार गांव आते जाते रहते थे। गांव में उनकी सक्रियता बनी रहने के कारण लोग सीधे संपर्क में भी थे। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि गुरुवार रात भी एक जन्मदिन समारोह में योगेश शुक्ला देर रात तक ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे थे। यही कारण रहा कि जब शुक्रवार सुबह उनकी मौत की खबर आई तो लोग विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे। योगेश ने पूर्व में हरियावां ग्राम पंचायत के प्रधान पद का चुनाव भी लड़ा था और इस बार भी वह प्रधान पद के दावेदार थे।