हरदोई। मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुए मंडलीय जनमिलन कार्यक्रम में मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लोगों की शिकायतों को सुना। करीब 160 से अधिक लोगों ने शिकायतों को दर्ज कराया। सवायजपुर निवासी रामप्रकाश 45 किलोमीटर दूर से अपनी समस्या लेकर आए लेकिन हर बार की तरह इस बार भी कार्रवाई का आश्वासन लेकर वह लौट गए।
सिहौना की प्रधान मंजू देवी, सवायजपुर के दिव्यांग रामप्रकाश, पड़री के राजेंद्र त्रिपाठी व देवेंद्र त्रिपाठी सहित सभी के शिकायती पत्र पर आयुक्त ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली। जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने गत मंडलीय जनमिलन में प्राप्त सभी 280 शिकायतों के निस्तारण आख्या को भी मंगवा कर देखा। अधिकारियों से कहा कि पिछले जनमिलन प्राप्त शिकायत के दोबारा आने पर संबंधित अधिकारी से निस्तारण के आधार की जानकारी ली जाएगी।
उन्होंने पत्रकारों को जानकारी दी कि यहां पर अन्य जनपदों की अपेक्षा भूमि विवाद के कम मामले हैं। बताया कि समाज कल्याण और दिव्यांग कल्याण के मामलों को संवेदनशीलता से निपटाने के लिए कहा गया है। आपसी भूमि विवाद के मामले में अधिक आए हैं। जिसमें मौके निर्णय के बजाय जांच के बाद ही निर्णय लिया जाना उचित होता है। डीएम एमपी सिंह, एसपी केसी गोस्वामी, एडीएम प्रियंका सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रशांत तिवारी, सदर एसडीएम स्वाति शुक्ला, सीएमओ डॉ. रोहतास कुमार सहित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
केस एक : मंजू देवी, ब्लॉक टड़ियावां के सिहौना की प्रधान हैं। मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि गांव में कूड़ा निस्तारण के लिए रिकवरी रिर्सोस सेंटर की स्वीकृति हुई है। राजस्व विभाग ने सरकारी भूमि भी आवंटित की है। गांव के ही कुछ लोग भूमि पर कब्जा किए हैं। सेंटर का निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। सामग्री भी भूमि पर नहीं रखने दे रहे हैं। नींव आदि की खोदाई भी नहीं होने देते हैं।
केस दो : राम प्रकाश गांव सवायजपुर के रहने वाले हैं। दिव्यांग होने के बाद भी करीब 45 किलोमीटर की दूरी तय करके कलक्ट्रेट आए थे। मंडलायुक्त को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि गांव में उनका घर है। जिस पर भतीजे ने ही कब्जा कर लिया है। वह दूसरों के दरवाजों पर रहकर रात गुजारने को मजबूर है। कई बार तहसील व कोतवाली में शिकायती पत्र दिया लेकिन, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह लौट गए।
असंतुष्टि के फीडबैक पर जांच के लिए वापस होगी शिकायत
मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने अधिकारियों कहा कि शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निष्पक्षता से गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें। कहा कि 15-20 दिन के अंदर शिकायतों का निस्तारण कर आख्या उनके कार्यालय को प्राप्त कराएं, जिससे शिकायतकर्ता से फीडबैक लेते हुए संतुष्टि की जानकारी कराई जा सके। असंतुष्टि के फीडबैक पर संबंधित शिकायत को दोबारा जांच के लिए वापस कर दिया जाएगा।
सरकारी भूमि पर भूतों ने बोया है गन्ना
टड़ियावां ब्लॉक के आशा निवासी रामशरन गुप्ता ने गांव में बेसकीमती भूमि पर बाहरी लोगोें के कब्जा की शिकायत की। आयुक्त ने प्रकरण को सुना। बाहरी लोगों के संबंध में जानकारी चाही। इस पर शिकायतकर्ता ने मरघट तक की भूमि पर कब्जा होने की जानकारी दी। कहा कि भूतों ने सरकारी भूमि पर गन्ना बोया हुआ है और फसल भी खड़ी है। इस पर आयुक्त ने सरकारी भूमि की पैमाइश और चिह्नीकरण के साथ ही कार्रवाई के आदेश दिए हैं।