धिान खरीद में किसानों के नाम पर बिचौलिये जमकर खेल कर रहे हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए एडीएम ने सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं।
एडीएम ने सभी एजेंसियों व केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि केंद्र पर उन्हीं किसानों का धान खरीदें, जिनके नाम पंजीकृत हैं। अगर किसान का कोई परिजन धान लेकर आता है तो उसके आधार कार्ड का नंबर रजिस्टर में दर्ज करा उसके हस्ताक्षर कराएं।
जिले में एक अक्तूबर से धान की खरीद की जा रही है। खरीद के लिए खोले गए 91 क्रय केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 13 लाख 50 हजार क्विंटल के सापेक्ष शुक्रवार की शाम तक 19 लाख 94 हजार क्विंटल (लगभग 147 प्रतिशत) धान की खरीद की जा चुकी है। लक्ष्य से डेढ़ गुना अधिक खरीद होने के बाद भी क्रय केंद्रों पर से किसानों की भीड़ कम नहीं हो रही है।
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि केंद्रों पर बिचौलियों द्वारा जमकर खेल किया जा रहा है। खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई है। केंद्रों पर अव्यवस्था की शिकायत के बाद एडीएम संजय कुमार सिंह ने व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम ने कहा कि क्रय केंद्रों पर उन्हीं किसानों से धान की खरीद की जाए, जिनका नाम पंजीकृत है। अगर विशेष परिस्थिति में किसान के घर का कोई सदस्य धान बेंचने आता है तो पहले उसका सत्यापन कर लिया जाए। सत्यापन के साथ ही केंद्र पर आए किसान के परिजन का आधार कार्ड नंबर रजिस्टर में दर्ज कर उसके दस्तखत कराएं।
अगर कहीं भी नियम विरुद्ध खरीद की जानकारी मिली तो केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्रों के निरीक्षण के दौरान इसकी भी जांच की जाए कि केंद्र पर धान बेचने वाले किसान वास्तविक किसान हैं या बिचौलिए। अगर बिचौलिए से खरीद होने की पुष्टि हो तो कार्यवाई करें।