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मां के आने का इंतजार, पटरी पर दौड़ेगा शहर का कारोबार

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हरदोई में नवरात्र में बेहतर कारोबार की उम्मीद से कारोबारियों में जोश भर गया है। त्योहारों और सहालग के सीजन से ठीक पहले कोरोना के जंजाल में फंसे बाजार को तमाम रियायतों और सहूलियतें मिल गई हैं, जो कारोबार के लिए संजीवनी साबित हो सकती हैं।
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अनलॉक-5 की गाइडलाइन वैसे तो 15 अक्तूबर से लागू होगी लेकिन बाजार में इसका असर अभी से दिखने लगा है। सहालग और नवरात्र का सबसे ज्यादा इंतजार गारमेंट्स और ऑटोमोबाइल कारोबारियों को है।
नई गाइड लाइन जारी होने के बाद से बाजार में सहालग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बारात घरों, बैंडबाजों, टैंट हलवाइयों का काम करने वालों के पास बुकिंग भी पहुंचनी शुरू हो गई। उन्हें उम्मीद है कि अब धीरे-धीरे कारोबार पटरी पर आ जाएगा। कुछ कंपनियों ने ग्राहकों को रिझाने के लिए स्कीमें भी बना ली हैं।
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शारदीय नवरात्र भी 17 अक्तूबर से शुरू होंगे। ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टरों में भी कंपनियां ऑफर लाने की तैयारियों में जुट गईं हैं। गारमेंट, कपड़ा, होजरी और ज्वैलरी सेक्टर भी सजना शुरू हो गया है हालांकि बड़ी संख्या के साथ होने वाले बड़े आयोजन को लेकर लोग अभी तक संकोच कर रहे हैं।
डीएम चौराहा स्थित ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक अवध बिहारी मिश्रा का कहना है कि जिस हिसाब से मार्केट का बुरा हाल है। इसको देखते हुए इस बार कुछ बेहतर होने की उम्मीद है। नवरात्र से पहले एक्सचेंज और दूसरे ऑफर आ जाना चाहिए। कोरोना काल के ऑफर अभी चल रहे हैं लेकिन ज्यादातर लोग नवरात्र और दिवाली के ऑफर का इंतजार करते हैं।
अस्पताल रोड स्थित इलेक्ट्रानिक आइटमों के अधिकृत विक्रेता रामू गुप्ता ने बताया कि अब तक बाजार ठंडा पड़ा था। इसकी तैयारी पूरी हैं। कंपनियां मांग के हिसाब से मोबाइल, टीवी जैसे बाजार में कुछ नए आइटम भी आएंगे। नई स्कीमों का इंतजार है, जो नवरात्र से पहले आ जाएंगी। वैसे भी इलेक्ट्रानिक्स के सामान की नवरात्र और दिवाली पर बिक्री बढ़ जाती है।
सिनेमा रोड स्थित रेडीमेड दुकान के मालिक नवीन गुप्ता का कहना है कि सहालग का काम शुरू हो गया है। लोग फोन करके नया माल आने के बारे में पूछ रहे हैं। काफी नया माल आ भी गया है। काम पटरी पर आने लगा है। नवरात्र में शादियां शुरू हो जाएंगी। आगे काम बढ़ेगा। हालांकि कुछ लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।
शहर में मोबाइल के अधिकृत विक्रेता शाश्वत अग्रवाल का कहना है कि लॉकडाउन में जब तक दुकानें बंद रहीं तब तक की बात अलग है। पर जब से दुकानें खुलीं तब से मोबाइल का कारोबार ठीक चल रहा। पहले लोग कभी-कभी मोबाइल खरीदते थे लेकिन अब मोबाइल जरूरत बन गई है। अधिकांश चीजें ऑनलाइन ही चल रहीं हैं। यहां तक कि बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा के लिए मोबाइल जरूरी हो गए हैं।
ट्रैक्टर पार्ट्स के अधिकृत विक्रेता अभिजीत मिश्रा का कहना है कि कोरोना काल में काफी हद तक काम प्रभावित रहा है। लोग मार्केट में निकल ही नहीं रहे थे लेकिन त्योहार नजदीक आने और धान की फसल तैयार होने पर किसान शहर की ओर आए हैं। व्यापार बढ़ने की उम्मीद हैं। खासकर कंपनियों ने भी अपने दामों के साथ खूब समझौता किया है।
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