हरदोई। सुरक्षित व समयबद्ध संचालन के लिए रोडवेज बसों में लगे व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगभग डेढ़ साल से निष्क्रिय पड़े हैं। इसकी देखरेख का काम देख रही कंपनी का कार्यकाल अगस्त 2020 में समाप्त हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि नई कंपनी का चयन हो चुका है। जल्द ही सभी बसों में नए वीटीएस लगवाए जाएंगे।
हरदोई डिपो के बेड़े 136 बसें शामिल हैं। यहां से दिल्ली, राजस्थान, कानपुर, लखनऊ, फर्रुखाबाद, सीतापुर, शाजहांपुर व उन्नाव आदि रूटों पर बसों का संचालन होता है। डिपो कमाई के मामले में भी कई सालों से प्रदेश में अव्वल है। बसों का संचालन सुरक्षित व समयबद्ध ढंग से हो, इसके लिए 2013 में बसों में वीटीएस लगवाए गए थे।
मुंबई की कंपनी ट्राइमैक्स प्रदेश के साथ ही यहां भी बसों में वीटीएस लगवाने के साथ ही उनकी मॉनीटरिंग कर रही थी। अगस्त 2020 में कार्यकाल पूरा होने के बाद कंपनी ने अन्य जगहों के साथ यहां से भी काम समेट लिया था। ऐसे मेें अधिकांश बसों में लगे वीटीएस निष्क्रिय हो गए हैं और उनकी मानीटरिंग भी नहीं हो रही है। अधिकारियों को बसों की लोकेशन की सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
लोकेशन व अधिक रफ्तार पर देता है जानकारी
रोडवेज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस), ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) पर आधारित होता है। सिस्टम लगने पर उसकी सही लोकेशन सेटेलाइट के जरिये विभाग/कंपनी के सर्वर रूम तक पहुंचती है। रोडवेज की वेबसाइट पर व अधिकारियों के मोबाइल पर इसकी लोकेशन देखी जा सकती है।
इसके साथ ही अचानक ब्रेक लगने व अधिक रफ्तार में संचालन के बारे में भी जानकारी होती है। बसें कहीं भी निर्धारित समय से ज्यादा देरी तक अनावश्यक खड़ी होने की जानकारी भी वीटीएस के माध्यम से मिलती रहती है। इससे बसों के सुरक्षित व समयबद्ध संचालन में मदद मिलती है।
कंपनी का काम मुख्यालय स्तर से किया जाना था। कंपनी का चयन हो चुका है। जल्द ही कंपनी यहां आकर बसों में वीटीएस लगाकर काम शुरू करेगी। - मनोज कुमार त्रिवेदी, आरएम, रोडवेज हरदोई