गांधी भवन के बाहर संचालित माधौगंज उन्नाव बस स्टैंड पर खड़ी बसें। संवाद
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हरदोई। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए एआरटीओ कार्यालय ने कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत शहर में संचालित प्राइवेट बस अड्डे खत्म किए जाएंगे। यहां खड़ी होने वाली बसें अब शहर के बाहर खड़ी होंगी।
संबंधित रूट पर केवल एक ही बस खड़ी होगी। दूसरी बस पहली बस के छूटने से पांच मिनट पहले ही खड़ी हो सकेगी। इसके अलावा शहर में संचालित ई-रिक्शा और ऑटो के रूट भी निर्धारित किए जाएंगे। इसका उल्लंघन होने पर वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्ययोजना 15 फरवरी से लागू की जाएगी।
शहर में आए दिन जाम लगता है। इसका प्रमुख कारण ई-रिक्शा व ऑटो का बेलगाम संचालन और शहर के अंदर संचालित स्टैंडों पर प्राइवेट बसों का अनावश्यक जमावड़ा है।
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए डीएम अविनाश कुमार ने अफसरों को निर्देश दिए थे। इस पर एआरटीओ प्रवर्तन दयाशंकर और अन्य अधिकारियों ने बस मालिकों और स्टैंड संचालकों के साथ बैठक की थी। एआरटीओ प्रर्वतन ने बताया कि पहले चरण मेें शहर में अनावश्यक रूप से सड़कों के किनारे खड़ी रहने वाली बसों और वहां से संचालित होने वाले बस स्टैंडों को शहर से बाहर किया जाएगा।
इसको लेकर सभी बस अड्डा संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बस संचालन से संबंधित रूट-मार्ग पर शहर से बाहर भूमि किराए व लीज पर ले लें और बसें वहीं खड़ी कराएं। शहर के अंदर निर्धारित स्थानों पर नंबर पर लगने वाली सिर्फ एक बस मौजूद रहेगी। अगले नंबर वाली बस 5 मिनट पहले स्टैंड पर पहुंचेगी।
एआरटीओ ने बताया कि नई व्यवस्था 15 फरवरी के बाद से प्रभावी होगी। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। अगर कोई इसमें बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ प्रवर्तन दयाशंकर ने बताया कि इसके बाद शहर में चलने वाले ऑटो व ई-रिक्शा के संचालन के लिए भी रूट निर्धारित किए जाएंगे। प्रयास है कि शहर को जाम से निजात दिलाई जा सके।