फोटो-01- एआरटीओ कार्यालय में प्रदर्शन करते प्राइवेट बस यूनियन के पदाधिकारी। संवाद
हरदोई। ऑटो और ई-रिक्शा की मनमानी से परेशान प्राइवेट बस संचालकों ने मंगलवार को उपसंभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उपसंभागीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बसों का संचालन ठप होने की जानकारी दी। ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी न रोके जाने पर बसें सरेंडर कर देने की बात भी संचालकों ने कही।
हरदोई प्राइवेट बस ऑपरेटर जन कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष समीर अग्रवाल के नेतृत्व में बस मालिकों ने प्रदर्शन किया। दरअसल बस मालिकों का कहना है कि प्रशासन के निर्देशों के क्रम में बसों का संचालन शहर के बाहर से किया जा रहा है। दावा है कि बसों का संचालन शहर से बाहर करते समय प्रशासन ने आश्वस्त किया था कि ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी पर रोक लगाई जाएगी। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई।
दावा है कि ई-रिक्शा और ऑटो शहर के अंदर से ही हरदोई-सीतापुर, हरदोई-उन्नाव, हरदोई-शाहजहांपुर, जगदीशपुर, मल्लावां आदि रूटों पर सवारियां ले जा रहे हैं। इस कारण प्राइवेट बसों को सवारियां ही नहीं मिल रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि प्राइवेट बसों का संचालन कराने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की जाए। अन्यथा बसें सरेंडर कर दी जाएंगी। ज्ञापन देने वालों में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ऋषभ कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार मिश्रा, मनोज कुमार, सर्वेश मिश्रा आदि शामिल रहे। इससे पहले भी बस संचालकों की समस्याओं को लेकर जनता दर्शन में बस मालिक मुख्यमंत्री से अपनी बात रख चुके हैं।
हमने निर्देश माने तो बाकी लोग भी मानें
एआरटीओ अरविंद कुमार सिंह से बातचीत के दौरान बस संचालकों ने कहा कि प्रशासन के निर्देश माने गए हैं। शहर के बाहर से ही बसों का संचालन हो रहा लेकिन ऑटो संचालक नहीं मान रहे। ऑटो शहर से सवारी उठाते हैं और दूर-दूर तक जाते हैं। दावा है कि शहर में नुमाइश चौराहे से दो, लखनऊ चुंगी से एक, जिंदपीर चौराहे से दो, पिहानी चुंगी से दो ऑटो अड्डे संचालित हो रहे हैं।