सांडी। नगर पालिका बोर्ड का बजट बुधवार को नगर पालिका अधिनियम के विशेषाधिकार से पारित हो गया। इसकी एक कापी डीएम के माध्यम से मंडलायुक्त को भेजी गई है। बजट पास होने से नगर के विकास का पहिया अब घूमने लगेगा।
सांडी नगर पालिका में अध्यक्ष रितु गुप्ता और विरोधी गुट के सभासदों के बीच गतिरोध तीसरे बैठक में भी दूर नहीं हो पाया। अध्यक्ष ने बुधवार को तीसरी बार नगर पालिका बोर्ड की बजट बैठक बुलाई थी। इस बैठक में भी आठ निर्वाचित और दो नामित सभासद ही पहुंचे। विरोधी खेमे के 17 निर्वाचित और तीन मनोनीत सहित 20 सभासद बैठक में नहीं पहुंचे। इससे इस बैठक में भी कोरम पूरा नहीं हो पाया।
ईओ ने मौजूद सदस्यों के बीच सदन में बजट पेश किया। वर्ष 2017 में 62 करोड़ 97 लाख 71 हजार रुपये आय और 62 करोड़ 25 लाख रुपये विकास कार्यों में व्यय होने का अनुमानित बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने किन-किन मदों से आय होगी और कहां-कहां पैसा खर्च किया जाएगा। इसका ब्योरा भी सुनाया। हालांकि बैठक में कोरम पूरा नहीं था किंतु नगर पालिका अधिनियम के विशेषाधिकार के तहत बजट पास हो गया। बजट की एक प्रति जलाधिकारी के माध्यम से मंडलायुक्त लखनऊ को भेजी गई है।
क्या है विशेषाधिकार
नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 88 (2) में ये प्रावधान है कि अगर दो बोर्ड बैठकें कोरम के अभाव में नहीं हो पाती हैं और तीसरी बैठक में भी दो तहाई सदस्य मौजूद नहीं होते हैं तो बजट पारित माना जाएगा।
श्मशान की बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी
नगर में एक करोड़ की लागत से श्मशान घाट बनाया गया है। तकनीकी विभाग के भौतिक सत्यापन में श्मशान घाट को मानके के अनुसार बताया गया था लेकिन विपक्षी सभासद काम अधूरा होने और भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे। इस पर उपजिलाधिकारी व प्रभारी ईओ पीपी तिवारी और सीओ बलवंत सिंह ने श्मशानघाट का निरीक्षण किया। एसडीएम ने अध्यक्ष को श्मशानघाट की बाउंड्रीवाल बनवाने का निर्देश दिया। इसके लिए 50 लाख रुपये देने की बात भी कही गई।