राम जानकी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के
पांचवें दिन श्रद्धालु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन सुन भाव विभोर हो
गए। कथा के पांचवें दिन गुरुवार को कथा व्यास सत्येंद्र स्वरूप शास्त्री ने
भगवान के अवतार के समय को लेकर विस्तृत चर्चा की।
कथा व्यास ने कहा कि
भगवान का इस धरा पर अवतार लेना बिना किसी कारण नहीं होता। यदा यदा हि
धर्मश्य...की लाइनों को दोहराकर उन्होंने कहा कि जब जब धरा पर अपराध बढ़ा
है और लोगों की चीख चीत्कारों ने जन्म लिया है और उस पाप रूपी अपराध का
समूल नाश करने के लिए एक अवतार की जरूरत पड़ी है, तब-तब भगवान ने इस धरती
पर अवतार लिया है।
उन्होंने कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि
श्रीकृष्ण ने भी जन्म सभी श्रद्धालुओं को अत्याचारों से मुक्ति दिलाने को
लिया। पृथ्वी माता पर जब भी पाप बढ़ता है तब वह परम पिता अपने भक्तों के
कल्याण के लिए नाना प्रकार के रूप लेकर आते हैं।
कंस के अत्याचार से जब
पृथ्वी संत भक्त हार गए और भगवान से गुहार की तब भगवान कृष्ण ने जेल में
जन्म लिया। कुल मिलाकर पांचवें दिन दर्शकों के बीच श्रीकृष्ण गोविंद हरे
मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेवा के खूब जयघोष लगा समां को भक्तिमय बनाया
गया। इस मौके पर डा. अरुण मिश्र, शिवशंकर मिश्र, मुकेश बाजपेई, जितेंद्र
सिंह मौजूद थे।