हरदोई। मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक को रक्तदानियों की कमी खल रही है। रक्तदाताओं के ब्लड बैंक से दूरी बनाने की वजह से स्थिति यह है कि इस समय आठ रक्त समूहों में से सिर्फ तीन रक्त समूह की 16 यूनिट उपलब्ध हैं। अन्य रक्त समूहों की रक्त यूनिट शून्य हो चुकी हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को परेशान होना पड़ सकता है।
मेडिकल कॉलेज में सड़क दुर्घटना, गंभीर बीमारियों और ऑपरेशन के मामलों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज भर्ती होते हैं जिन्हें तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है। इसके अलावा कई गर्भवती महिलाओं में खून की कमी पाए जाने पर प्रसव से पहले रक्त चढ़ाना अनिवार्य होता है। ऐसे में ब्लड बैंक में रक्त की कमी मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है। कई बार परिजनों को घंटों डोनर की तलाश में भटकना पड़ता है और समय पर डोनर न मिलने से इलाज में देरी भी हो जाती है।
हालांकि, डोनर न मिलने पर भी आवश्यकता पड़ने पर मरीज को रक्त उपलब्ध करा दिया जाता है लेकिन लगातार रक्तदाताओं की कमी अब संकट बढ़ा रही है। बता दें कि ब्लड बैंक में वैसे तो 500 यूनिट की भंडारण क्षमता है लेकिन शनिवार दोपहर तक सिर्फ 16 यूनिट ही रक्त बचा। इसमें बी-पॉजिटिव की सात यूनिट, ओ-पॉजिटिव की सात और ओ-निगेटिव की दो यूनिट हैं। अन्य ग्रुपों में यूनिट निल हैं।
औसतन 20 यूनिट की होती है रोज खपत
ब्लड बैंक में रोजाना औसतन 15 से 20 यूनिट की खपत होती है। एक सप्ताह के आंकड़ों पर गौर करें तो हर रोज किसी दिन 11, किसी दिन 13, किसी दिन नौ तो किसी दिन 15 यूनिट की खपत होती है। इन दिनों मरीज अधिक नहीं हैं लेकिन दुर्घटनाएं और गर्भवतियों के ऑपरेशन के मामले में जरूरत किसी भी दिन पड़ जाती है। ऐसे में रक्त की कमी को पूरा कर पाना भी बहुत मुश्किल होता जा रहा है।
गिने चुने लोग ही कर रहे रक्तदान
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि आज भी समाज में रक्तदान के लिए जागरूकता की भारी कमी है। लाखों की आबादी वाले जिले से गिने-चुने लोग ही नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आते हैं। रक्तदान से आपात स्थिति में कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं लेकिन लोगों की उदासीनता के चलते ब्लड बैंक में रक्त की कमी आ रही है। हालांकि, अब 26 जनवरी को रक्तदान का शिविर मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक में होना है। खून देने से कमजोरी नहीं आती और रक्तदान करने से बीमारियां भी दूर रहती हैं। ऐसे में अधिक से अधिक लोग 26 जनवरी को शिविर में आकर रक्तदान करें।