फोटो- 27- फेसबुक पर विधायक द्वारा की गई टिप्पणी। संवाद
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अपनी बेबाक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर पोस्ट के लिए चर्चित रहने वाले गोपामऊ के भाजपा विधायक श्यामप्रकाश छुट्टा मवेशियों को लेकर की गई एक पोस्ट पर गुरुवार को बुरी तरह ट्रोल हो गए।
लगभग पांच घंटे बाद हालात संभालने की कोशिश करते हुए अपनी पोस्ट का मंतव्य स्पष्ट कर लिखा कि आवारा पशु के बारे में सोच गाय तक सीमित न रखें। बाद में विधायक ने दोनों पोस्ट हटा दीं।
गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत डर्रा गांव में किसान रामभजन की मौत सांड़ के हमले में मंगलवार को हो गई थी, जबकि मंगलवार को ही छुट्टा मवेशियों को भरखनी ब्लाक मुख्यालय में बंद कर दिया गया था।
इनसे जुड़ी खबरों को लेकर भाजपा विधायक ने अपनी फेसबुक आईडी पर पोस्ट किया था कि क्या किसान और इंसान की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं आवारा पशु? इनका इलाज और स्थान बूचड़खाना।
सरकार दे इजाजत। मेरी व्यक्तिगत राय। इस पोस्ट पर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल कर लिया और जमकर आड़े हाथों लिया। ट्रोल होने पर उक्त पोस्ट के पांच घंटे बाद विधायक श्यामप्रकाश ने अपनी आईडी से स्पष्ट किया कि महानुभावों से निवेदन है कि आवारा पशु के बारे में अपनी सोच गाय तक ही सीमित न करें, प्रदेश की सभी गायें गोशालाओं में बंद हैं।
यह सरकार भी कह चुकी है। किंतु नील गाय और छुट्टा सांड़ किसानों के असली दुश्मन हैं, जो किसानों की फसल और जान दोनों ले रहे हैं। गाय हमारी माता है, किंतु सांड़ और जंगली नीलगाय नहीं।