फोटो-24- कथा सुनते श्रद्धालू। संवाद
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सवायजपुर कस्बा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को कथा व्यास हरिओम द्विवेदी ने कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। कहा कि कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह साधारण नहीं, बल्कि यह साक्षात जीव और ईश्वर का विवाह है।
कथा व्यास ने कहा कि श्री शुक्रदेव जी ने भागवत कथा को विश्राम देने से कुछ ही समय पूर्व परीक्षित को रुक्मिणी-श्रीकृष्ण के विवाह का प्रसंग सुनाया था। कहा कि रुक्मिणी ने श्री कृष्ण को पत्र लिखा कि जैसे आप निर्विकार हैं वैसे ही मैं भी निष्काम हूं। मेरा जीवन आपको समर्पित है कृपया मेरा उद्धार करें। पत्र पढ़कर प्रभु ने रुक्मिणी से विवाह करने का निर्णय लिया।
कथा व्यास ने कहा कि रुक्मिणी की भांति जब जीव निष्काम होकर निर्विकार परमात्मा को पुकारता है तो भगवान उसका उद्धार करने में देर नहीं करते। इस मौके पर चंद्रभाल, संतोष देवी, आयोजक चंद्र विशाल, विपुल, देश दीपक, प्रधान महेश त्रिपाठी, विद्या रतन शुक्ल, मनुआ वाजपेयी, गंगा सागर, राम नरेश, सदाराम शुक्ला और विजय वाजपेयी आदि मौजूद रहे।