- मोबाइल एप या वेबसाइट से बुकिंग पर जनरेट होगा बार-कोड
- स्कैन कर टीटीई जांच सकेंगे टिकट की प्रमाणिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। टिकट बनाने में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए रेलवे जल्द ही सभी टिकटों पर बारकोड लगाना शुरू कर देगा। बार-कोड को ट्रेन में तैनात टीटीई मशीन से स्कैन कर टिकट की प्रमाणिकता की जांच कर सकेंगे। टिकट पर बार-कोड लगाने का ट्रायल शुरू हो चुका है और अब जल्द ही हर स्टेशन पर बार-कोड लगे टिकट मिलने लगेंगे। मोबाइल एप और वेबसाइट से बनाए जाने वाले टिकट पर भी बार-कोड लगकर आएगा।
बीते दिनों में टिकटों के फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आ चुके हैं। टिकट को लेकर हो रहे फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए रेलवे ने टिकट पर बार-कोड लगाने का फैसला किया है। रेलवे से निर्देश के बाद मंडल के मुरादाबाद स्टेशन पर ट्रायल शुरू कर दिया है। ट्रायल में जनरल और आरक्षित दोनों प्रकार के टिकट पर बार-कोड दिया जा रहा है। टीटीई स्टाफ को स्कैनिंग मशीनें भी दी गई हैं।
मशीनों के माध्यम से टीटीई टिकट को स्कैन कर उसकी प्रमाणिकता का सत्यापन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रायल में बार-कोड लगे टिकटों को स्कैन किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान मिलने वाली खामियों काे सुधार कर अप्रैल से इस प्रक्रिया को सभी स्टेशनों पर लागू कर दिया जाएगा।
वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि आईआरसीटीसी से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाकर कई लोग टिकटों का फर्जीवाड़ा करते हैं। कई बार विवाद की स्थिति पैदा भी सामने आई है। ऐसे में बार-कोड लगे टिकट दिए जा रहे हैं। ट्रायल सफल रहता है तो अप्रैल से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।