हरदोई। कूट रचित दस्तावेजों के जरिए जमानत कराने वाले एक आरोपी की जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी है।
शहर कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक विनोद गोस्वामी ने प्राथमिक की दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि जानकारी मिली थी कि आवास विकास कॉलोनी निवासी विश्वनाथ पांडेय, बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के मवैया गांव निवासी प्रवीण दीक्षित, कोतवाली देहात क्षेत्र के पीपर पोखरी निवासी धर्मेंद्र कुमार वर्मा, कोतवाली शहर क्षेत्र के सैय्यापुरवा गांव निवासी अमित कुमार, सांडी थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी रामकिशोर, कोतवाली शहर क्षेत्र के धियर मोहलिया निवासी पिंकू उर्फ प्रेमशंकर पेशेवर जमानतदार है। गंभीर मामलों में जेल में बंद आरोपियों की न्यायालय से जमानत ले लेते हैं। इसके लिए फर्जी अभिलेख भी इस्तेमाल करते हैं।
जमानत मिलने के बाद आरोपी न्यायालय में हाजिर नहीं होते। आरोपी अमित बहुजन समाज पार्टी का कार्यकर्ता है। एसआईआर में सक्रिय भूमिका निभाई है। दावा किया कि स्थानीय नेताओं के दबाव में पुलिस ने झूठी कहानी रचकर प्राथमिकी दर्ज की है। जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि अमित के नाम कोई भी जमीन या अन्य कोई हैसियत नहीं है। पुनीत कुमार मवैया थाना बेहटा गोकुल का निवासी है। पुनीत 10 वर्ष से अपने गांव में नहीं है। उसी की खतौनी निकालकर उसके आधार कार्ड की फोटो को स्वयं की फोटो लगाकर कूटरचित आधार कार्ड तैयार कराकर जमानत लेता था। जमानत अर्जी खारिज करने का तर्क दिया। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूत के आधार पर जिला जज रीता कौशिक ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।