फोटो-10-डा. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए बना चबूतरा और कमरा। संवाद
संडीला। क्षेत्र के जामू पटेहरा में बिना अनुमति के डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने की सूचना पर पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंच गई। आनन फानन प्रतिमा को कब्जे में लिया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने कोतवाली पहुंचकर विरोध जताया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
जामू पटेहरा निवासी पप्पू की निजी भूमि पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने की तैयारी पिछले काफी समय से चल रही थी। इसके लिए बेहतरीन चबूतरा और कमरा भी बनवाया गया था। लखनऊ में प्रतिमा का निर्माण चल रहा था। निर्माण पूरा होने पर शनिवार रात प्रतिमा स्थापित किए जाने के लिए गांव लाई गई। इसकी जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार आरके श्रीवास्तव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने प्रतिमा कब्जे में ले ली और इसे लेकर कोतवाली आ गए।
इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और कोतवाली पहुंच गए। प्रतिमा वापस देने की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। कुछ ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर हंगामा करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने इन्हें हटा दिया। इस सबके बीच ग्रामीणों को बिना अनुमति के प्रतिमा न लगवाने की नसीहत दी गई। इस पर ग्रामीण शांत हो गए।
सीओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने लिखित रूप से दिया है कि प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति मिलने के बाद ही कुछ किया जाएगा। इसके बाद उन्हें प्रतिमा भी वापस कर दी गई।
चबूतरा और कमरा बन गया, प्रतिमा स्थापना की तैयारी का पुलिस को पता नहीं
संडीला कोतवाली पुलिस आए दिन विवादों में घिरती जा रही है। अभी शिवम जायसवाल हत्याकांड का मामला शांत नहीं हुआ और अब फिर से यहां नया विवाद तैयार हो गया। पुलिस का दावा है कि हर रोज गश्त की जा रही है और सिपाही से लेकर दरोगा तक अपने अपने क्षेत्र में रोज गश्त करते हैं लेकिन प्रतिमा स्थापना की तैयारी की भनक संडीला कोतवाली पुलिस को नहीं लगी। चबूतरे और कमरे का निर्माण भी कोई दो दिन में नहीं हो गया बल्कि काफी समय से इसकी तैयारी चल रही थी। बावजूद इसके पुलिस को भनक तक न लगना सक्रियता पर भी सवाल उठाता है।
फोटो-10-डा. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने के लिए बना चबूतरा और कमरा। संवाद