हरदोई। चंडीगढ़ के आवासीय स्कूल में पढ़ने वाली एक किशोरी को बहलाकर हरदोई लाने और उसकी जबरन शादी कराने की कोशिश में पुलिस ने दो पर प्राथमिकी दर्ज की है। बरामदगी के बाद बाल कल्याण समिति ने उसकी काउंसलिंग की तो किशोरी ने आपबीती बताई। इसके बाद समिति के समन्वयक की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
दिल्ली निवासी किशोरी (16) चंडीगढ़ के एक स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। आरोप है कि पढ़ाई के बजाय काम कराए जाने से परेशान होकर वह स्कूल की कर्मचारी सिमरन के साथ रोहतक चली गई। वहां मोहित और नत्थू नाम के दो व्यक्ति उसे बहलाकर हरदोई ले आए। आरोप है कि मोहित ने किशोरी को सात दिन अपने घर रखा। इसके बाद नंदलाल के 40 वर्षीय अविवाहित बेटे से शादी कराने का प्रस्ताव दिया लेकिन किशोरी के नाबालिग होने की जानकारी पर बात नहीं बनी। फिर नंदलाल के साले अजय पाल ने अपने बेटे दीपू से उसकी शादी कराने का दबाव बनाया और उसे दो दिन तक अपने साथ रखा।
इस बीच किशोरी ने परिचित ज्ञानी को फोन कर आपबीती बताई। ज्ञानी और उनकी पत्नी मोनी ने पहुंचकर उसे बचाया। पिता के उसे वापस ले जाने से इन्कार करने पर ज्ञानी ने हेल्पलाइन पर सूचना दी। पुलिस ने किशोरी को सुरक्षित बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।