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Hardoi News: कहीं स्टाफ नर्स ने दी सलाह तो, कहीं मरीज ही नहीं पहुंचे

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पड़ताल का लोगो
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कृपया पड़ताल का लोगो लगवा दें।
- मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के प्रति स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की असंवेदनशीलता उजागर
- प्रचार-प्रसार न होने से जानकारी के अभाव नहीं पहुंचे रोगी, जहां पहुंचे वहां चिकित्सक नहीं मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं में शासन की शीर्ष प्राथमिकता वाले आरोग्य मेले के प्रति जिम्मेदारों की अनदेखी रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों में उजागर हो गई। केंद्रों पर कहीं स्टाफ नर्स ने रोगियों को सलाह और दवाएं दीं तो कहीं मरीज ही नहीं आए। आरोग्य मेलों में इलाज की सटीक व्यवस्था न होने से हाल यह है कि अब मरीजों की संख्या भी काफी कम हो गई है।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता और उनके नाम से ही होने वाले स्वास्थ्य मेलों के प्रति स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की असंवेदनशीलता से जरूरतमंदों को सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों पर मेलों की स्थिति से लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं, जिससे लोगों को निजी चिकित्सकों के यहां जाने की मजबूरी है।
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रविवार को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेलों की पड़ताल में असंवेदनशीलता उजागर हुई। जिसमें स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों न आने से रोगियों को स्टाफ नर्स ने सलाह और दवाएं दीं। वहीं कहीं रोगी ही नहीं आए और चिकित्सक इंतजार करते रहे।

फोटो 14: कछौना में रोगियों को देखतीं डॉ. मोनिका। संवाद
स्वास्थ्य केंद्रों पर लगाए गए स्वास्थ्य मेला में कछौना के गौरी खालसा स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेला दोपहर एक बजे तक 46 मरीज देखे गए थे। वहां पर एक डाॅक्टर मोनिका मौजूद मिलीं। पाली नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 11:35 पर 25 रोगियों को देखे जाने का दावा किया गया। डॉ. सिद्धार्थ, स्टाफ नर्स पृथ्वी मौजूद थे। अधिकतर मरीज बुखार-जुखाम से पीड़ित थे।
पिहानी के जहानीखेड़ा और रैंगाई न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रोगियों को देखा गया। जहानीखेड़ा में डॉ. शिबली रियाज, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार बाकद टीम ने 105 मरीज देखे। रैंगाई में डॉ. विकास वाजपेयी की टीम ने 121 मरीजों को दवा और सलाह दी।
फोटो 11: संडीला में रोगियों को देखतीं स्टाफ नर्स पूजा। संवाद
फोटो 12: संडीला में खाली पड़ी चिकित्सक की कुर्सी। संवाद
दोपहर 12:03 बजे
संडीला के शीतला माता मंदिर रोड स्थित नगरीय आयुष्मान मंदिर में 42 मरीजों का परीक्षण हो चुका था। पर वहां पर चिकित्सक नहीं मिले। उनकी कुर्सी खाली थी। वहां पर स्टॉफ नर्स ही केवल काम कर रही थी। कंचन पूजा और सुनीता मौजूद थी, उन्होंने रोगियों को सलाह और दवाएं दीं। केंद्र पर मुख्यमंत्री मेला का बैनर भी नहीं दिखाई दिया।
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दोपहर 1:45 बजे
शाहाबाद के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र खेड़ाबीबीजई और उधरनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सन्नाटा पसरा था। दोनों ही केंद्रों पर डॉक्टर और फार्मासिस्ट मौजूद दिखे। वहीं एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार ने दावा किया उधरनपुर में 29 ओपीडी और 11 की ब्लड की जांच, खेड़ाबीबीजई में 33 ओपीडी व 16 की ब्लड की जांच की गई है। रविवार के कारण अस्पतालों में मरीज कम आ रहे हैं।
फोटो 13: भटपुर स्वास्थ्य केंद्र पर रोगियों को सलाह देता चिकित्सा कर्मी। संवाद
दोपहर 1:14 बजे
भरावन के भटपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर भटपुर पर 20 मरीजों ने पंजीकरण कराया था। केंद्र प्रभारी डाॅ. रमेश मरीजों को परामर्श देते दिखाई दिए।
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