कांशीराम कालोनी में निरस्त किए गए आवासोें में अवैध
ढंग से निवास कर रहे लोगाें को शनिवार को बल पूर्वक हटाया गया। कालोनी के
निरस्त आवासों नवीन आवंटन हुआ है। जिसमें ही नवीन आवंटियों को कब्जा दिलाने
की कार्रवाई जिला प्रशासन ने की। नगर मजिस्ट्रेट के निर्देशन में नायब
तहसीलदार और पुलिस ने निरस्त आवासों में निवास कर रहे लोगों को बाहर
निकलवाया और नवीन आवंटियों को कब्जा दिलाया।
लखनऊ रोड स्थित कांशीराम
कालोनी में बने आवासों का आवंटन कई अपात्रों को भी कर दिया गया था, जबकि
कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने आवास प्राप्त करने के बाद उन्हें किराए पर
दे दिया और आज भी पुराने घरों में निवास कर रहे हैं। ऐसे ही लोगों की
शिकायतें मिलने के बाद डूडा द्वारा सर्वे कराया गया और 123 आवासाें से
आवंटियों का कब्जा निरस्त कर दिया गया।
आवासों का कब्जा निरस्त होने के बाद
बीते माह 23 दिसंबर को निरस्त आवासों का दोबारा आवंटन किया गया। चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री नितिन अग्रवाल ने गांधी भवन में निरस्त हुए
आवासों में से 99 आवेदकों को कांशीराम कालोनी में आवासों के आवंटन पत्रों
का वितरण किया।
आवंटन पत्र प्राप्त होने के बाद नवीन आवंटी कांशीराम कालोनी
पहुंचे तो वहां अभी भी पुराने लोगों का कब्जा मिला। इसकी शिकायत जिला
प्रशासन से की गई। डीएम के निर्देश पर शनिवार को नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मी
शंकर सिंह, नायब तहसीलदार शंभूशरण पुलिस फोर्स और विभागीय अफसरों के साथ
कालोनी पहुंचे और आवंटन पत्र के अनुसार मौजूद आवंटियों को आवास पर कब्जा
दिलवाया।
आवासों का कब्जा दिलाने के दौरान जिला प्रशासन को खासी मशक्कत भी
करनी पड़ी। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से कालोनी में अफरातफरी का माहौल
रहा। उधर, कालोनी में अवैध कब्जेदारों को हटाने पहुंचे अफसरों को कई आवासों
पर ताला लटका मिला। हालांकि, अफसरों और पुलिस की मौजूदगी में नवीन
आवंटियों को तोड़कर कब्जा दिला दिया गया।