फोटो- 04- प्रशिक्षु डाॅक्टरों की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों से जानकारी लेते चिकित्सक।
हरदोई। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की कार्यक्षमता और विषयगत ज्ञान की परख के लिए परीक्षा हुई। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने न केवल किताबी ज्ञान बल्कि क्लीनिकल बारीकियों और आधुनिक मशीनों के संचालन में भी अपनी योग्यता साबित की।
परीक्षा के दौरान नेत्र रोग संकाय के वरिष्ठ विशेषज्ञों के पैनल ने प्रशिक्षुओं की बौद्धिक क्षमता का बारीकी से आकलन किया। विभागाध्यक्ष डॉ. वीपीएस तोमर ने छात्रों से मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना से जुड़ी बीमारियों के आधुनिक उपचारों पर सवाल पूछे। उन्होंने आपातकालीन स्थिति में प्रशिक्षु डॉक्टर की सटीकता और संवेदनशीलता के साथ मरीज के रोग के निदान को लेकर भी दक्षता का आकलन किया। लिखित परीक्षा के साथ-साथ प्रयोगात्मक सत्र का भी आयोजन किया गया। प्रशिक्षुओं को ऑप्थल्मोस्कोप और स्लिट-लैंप जैसे उपकरणों का उपयोग कर डमी और केस स्टडीज के विश्लेषण के बारे में भी पूछा गया।
विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस प्रकार के नियमित आकलन से प्रशिक्षुओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं। इस दौरान डाॅ. स्तुति सिंह और डॉ. सरिता कुशवाहा ने प्रशिक्षु डॉक्टरों से सवाल कर रोगों के बारे में जानकारी ली।