हरदोई। निराश्रित मवेशियों को संरक्षित करने के साथ ही अब प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक पशु आश्रयस्थल को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। सीडीओ सान्या छाबड़ा ने बताया कि पशु आश्रयस्थलों को सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कराया जाएगा। ताकि लोग वहां पर केवल गाय पूजन के लिए ही नहीं, बल्कि सैर-सपाटे के उद्देश्य से भी आना शुरू करें।
सीडीओ ने जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में मॉडल गोशाला के लिए कराए गए कार्यों की जानकारी ली। बीडीओ और पशु चिकित्साधिकारियों से कहा कि मॉडल गोशाला में गो-काष्ठ, वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत आदि बनवाए जाने के काम के साथ ही परिसर और चारों तरफ फल-फूल और छायादार पौधों का रोपण कराया जाए। परिसर में ही फूलदार पौधरोपण के साथ ही वहां पर आने वाले लोगों के बैठने के लिए चबूतरा आदि भी बनवाए जाएं। कहा कि आश्रयस्थल को गो-पर्यटन के दृष्टि से विकसित किया जाए।