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जिन्ना को पटेल का सहयोगी बताकर बुरे फंसे अखिलेश

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-मल्लावां में अखिलेश यादव का पुतला फूंकते भाजपा नेता और कार्यकर्ता। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। माधौगंज में लखनऊ पब्लिक स्कूल में रविवार को पटेल जयंती समारोह के दौरान जिन्ना को सरदार पटेल, महात्मा गांधी और नेहरू का साथी बताना सपा मुखिया अखिलेश यादव के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। सूबे की राजधानी से लेकर स्थानीय स्तर तक पर अखिलेश पर तीखे वार हो रहे हैं। सोमवार को मल्लावां में क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशू के नेतृत्व में अखिलेश यादव का पुतला फूंका गया।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को मल्लावां बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र के माधौगंज कस्बे में लखनऊ पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित जनसभा में आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि आजादी के लिए सरदार पटेल, महात्मा गांधी, नेहरू और जिन्ना ने मिलकर संघर्ष किया था।
अखिलेश ने यह भी कहा था कि चारों एक ही विचारधारा के थे और साथ में ही एक ही संस्थान से बैरिस्टर की पढ़ाई की थी। अखिलेश के इस बयान पर भाजपाइयों के साथ ही जन सामान्य ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। मल्लावां में कस्बे के मुख्य चौराहे पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक आशीष सिंह आशू के नेतृत्व में भाजपाइयों ने अखिलेश यादव का पुतला फूंका। इस दौरान भाजपा के जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता अभय शंकर शुक्ला, शिवराज बाबा, नीरज विद्यार्थी, गोपाल गुप्ता, अरुण कुशवाहा, डॉ. प्रत्यूष कुमार, गोविंद द्विवेदी, नील कमल सिंह आदि मौजूद रहे।
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देश तोड़ने और जोड़ने वालों का फर्क नहीं जानते अखिलेश
मल्लावां बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक आशीष सिंह आशू ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने सरदार पटेल का अपमान किया है। उन्हें यह भी नहीं पता कि देश तोड़ने वाले ओर देश जोड़ने वाले के बीच क्या फर्क होता है। अखिलेश ने जिन्ना का नाम सरदार पटेल के साथ जोड़कर स्वाभिमानी पटेल समाज का अपमान किया है।
हंगामा इसलिए है बरपा...
बिलग्राम मल्लावां विधानसभा क्षेत्र कुर्मी यानी पटेल बाहुल्य है। इसी विधानसभा क्षेत्र के सदरपुर निवासी एसपी सिंह लखनऊ पब्लिक स्कूल के संस्थापक हैं। एसपी सिंह खुद और उनकी पत्नी कांति सिंह कई बार स्नातक क्षेत्र से विधान परिषद की सदस्य रह चुकी हैं। पटेल जयंती समारोह के दौरान अखिलेश यादव ने पूरे इलाके में कुर्मी समाज के लोगों को संदेश देने की तैयारी की थी, लेकिन उनका बयान यहां उल्टा पड़ गया। विधायक आशीष सिंह आशू भी कुर्मी समाज से आते हैं और छात्र राजनीति से निकले हैं। आशू को गढ़ में ही घेरने की पूरी योजना थी, लेकिन जिन्ना का नाम पटेल के साथ जोड़कर सपा ने मुसीबत तैयार कर ली। कुर्मी मतदाताओं को देखते हुए भी स्थानीय स्तर पर भाजपा पूरे मामले को तूल दे रही है।
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