हरदोई। शहर के खंजनपुरवा में सोमवार सुबह विवाहिता की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उनको मेडिकल कॉलेज लाए। यहां देर रात उनकी मौत हो गई। मृतका के भाई ने बहनोई पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मेडिकल कॉलेज में भी बहनोई समेत कोई व्यक्ति ससुराल से नहीं आया।
शहर के खंजनपुरवा निवासी शाहिदा ने पुत्री नाहीद (35) की शादी देहात कोतवाली क्षेत्र की कांशीराम कॉलोनी निवासी शरीफ के साथ 2015 में की थी। छोटे भाई फुरकान के मुताबिक, शादी के बाद से ही शरीफ दहेज के लिए नाहीद को परेशान करते थे। अक्सर उनकी पिटाई करते थे। एक जनवरी को नाहीद ने छोटे भाई उस्मान को फोन किया। उन्होंने बताया कि वह काफी बीमार हैं। शरीफ इलाज नहीं करा रहे हैं। परिजन उनको लेने पहुंचे। दावा है कि शरीफ ने पुत्र अजान को रोक लिया और नाहीद को जाने दिया। बीमार नाहीद को शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।
तीन जनवरी को चिकित्सक ने उनकी हालत गंभीर बताई। उनको कहीं और ले जाने की सलाह दी। परिजन नाहीद को खंजनपुरवा ले आए। सोमवार सुबह नाहीद की ज्यादा तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज लाए। यहां चिकित्सक ने मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर लिया। दिनभर इलाज चलने के बाद देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। नाहीद के परिवार में पति और एक छह वर्षीय पुत्र अजान है। प्रभारी कोतवाल बाल कृष्ण मिश्रा ने बताया कि शव का पंचनामा भरवाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गैस से जलाने का किया था प्रयास, चार जनवरी को कोतवाली में की थी शिकायत
भाई उस्मान के मुताबिक, दिसंबर के आखिरी सप्ताह में शरीफ ने किचन की गैस खोल दी फिर बाहर आकर उन्होंने नाहीद से चाय बनाने के लिए कहा। नाहीद किचन में गईं। वहां उन्हें गैस की गंध आई। वह बिना चाय बनाए किचन से बाहर निकल आई थीं। उस्मान ने चार जनवरी को देहात कोतवाली में शिकायती पत्र दिया था। इसमें बताया कि शरीफ दहेज के लिए बहन से गाली-गलौज और पिटाई करते हैं। कोतवाली में उस्मान को नीले रंग की पावती रसीद भी मिली थी।
फोटो-10- नाहीद। फाइल फोटो- फोटो : बल्दीराय तहसील समाधान दिवस में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण