फोटो 17: कार्यक्रम में बोलते जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक। संवाद
हरदोई। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत के सभी राज्यों में कृषि क्षेत्रफल है और वहां के मौसम के अनुसार फसलें भी होती हैं। विद्यार्थियों को कृषि की पढ़ाई योग्यता के लिए नहीं, जीवन कौशल के उद्देश्य से करना चाहिए।
जिला कृषि अधिकारी ने बुधवार को राजकीय कृषि महाविद्यालय के अभिविन्यास सह-दीक्षारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। कहा कि कृषि से कौशल विकास की अपार संभावनाएं हैं। कृषि क्षेत्र वृहद है और उसे समझने के लिए क्रमवार अपने पाठ्यक्रम के साथ ही अभ्यास और अध्ययन भी जरूरी है। कहा कि भारत की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। चंद्रशेखर आजाद कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के छात्र कल्याण निदेशक डॉ. मुनीश गंगवार ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने कृषि शिक्षा के महत्व की जानकारी दी।
राजकीय कृषि महाविद्यालय के डीन प्रोफेसर डॉ. सीएल मौर्य ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सफर के लिए प्रेरित किया। सहायक आचार्या डॉ. अपर्णा ज्योति ने आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए ऐसे सत्र समग्र विकास के लिए उपयोगी साबित होते हैं। उन्हें केवल किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक और जीवन कौशल से संबंधित शिक्षा प्रदान करते हैं। महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर डॉ. अंकित उपाध्याय, डॉ. राम लखन मौर्या, डॉ. शिवम सिंह, डॉ. कपिल यादव, सरवर इमाम, डॉ. प्रभात कुमार दीक्षित आदि शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।