हरदोई। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के लोहारखेड़ा निवासी प्रसूता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पति का आरोप है कि मारपीट में घायल होने के कारण सात माह में ही उसका प्रसव हो गया। नवजात की मौत के बाद उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने मारपीट की घटना से इनकार किया है।
लोहारखेड़ा निवासी अवधेश खेती करते हैं। उनका दावा है कि 13 मार्च को गांव के ही रहने वाले चार लोगों से घर के बाहर इंडिया मार्का हैंडपंप पर पानी भरने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद में लाठी-डंडे चलने से उनकी सात माह की गर्भवती पत्नी किरन (35) घायल हो गई थी। परिजन किरन को अगले दिन सीएचसी पिहानी ले गए थे। यहां उसने बच्ची को जन्म दिया था। दो दिन बाद बच्ची की मौत हो गई थी।
किरन को लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उसे परिजन शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए। यहां सोमवार को चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन लखनऊ न ले जाकर उसे वापस घर ले गए। घर में ही देर रात उसकी मौत हो गई। पिहानी कोतवाल विद्या सागर पाल ने बताया कि मारपीट की घटना नहीं हुई थी। परिजनों ने मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराने की तहरीर दी थी। इसी आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक खून की कमी और अधिक रक्तस्राव से मौत होने की पुष्टि हुई है।