हरदोई। डीएपी के बाद अब किसानों को रबी फसलों की बुआई के लिए अनुदानित और प्रमाणित बीज के लाले पड़ गए हैं।
किसानों को सरकारी बीज भंडारों पर बीज के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। कई बीज भंडार पर बीज न होने से किसानों को मायूसी हाथ लगी। कई भंडार पर रबी फसलों के सभी बीज न होने से भी किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कृषि विभाग की ओर से गेहूं के बीज वितरण का लक्ष्य 16,290.40 क्विंटल रखा गया है। इसके सापेक्ष 16,272.40 क्विंटल बीज मिला है और 15,297.40 क्विंटल का वितरण हो चुका है।
बिलग्राम प्रतिनिधि के अनुसार, सरकारी बीज भंडार पर गेहूं का बीज नहीं है। बड़ी संख्या में किसान निराश हो रहे हैं। प्रतिदिन किसान बीज भंडार आते हैं, परंतु बीज उपलब्ध न होने के कारण वापस लौटना पड़ रहा है। अतर्चा के किसान मंशाराम, करेहका के सुरेश, लालपुर कंहारी के सुनील कुमार, भोगैतापुर के श्यामलाल ने बताया कि वह कई दिनों से बीज लेने आ रहे हैं। केंद्र पर गेहूं का बीज नहीं है। भंडार प्रभारी सोमनाथ राठौर ने बताया कि कुछ दिनों से बीज नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। दो प्रकार का गेहूं का बीज वितरण के लिए आता है। इसमें प्रमाणित गेहूं के 40 किलोग्राम की बोरी को 998 रुपए में दिया जाता है। यह एक एकड़ के लिए पर्याप्त होती है। दूसरा बीज फाउंडेशन होता है। इसकी 40 किलोग्राम की बोरी 1037 रुपये में दी जाती है।
बेनीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, राजकीय बीज भंडार कोथावां में तीन दिन से गेहूं का बीज नहीं है। किसान बीज भंडार से मायूस लौट रहे हैं। झरोइया निवासी रमाकांत शुक्ला ने बताया कि मंगलवार की सुबह बीज लेने आए थे। बीज है ही नहीं। जब आएगा तब लेने आने के लिए कहा गया है। प्रभारी एडीओ कृषि ओमप्रकाश ने बताया कि जल्द ही बीज आने की उम्मीद है।
पाली प्रतिनिधि के अनुसार, राजकीय बीज भंडार पर बीज उपलब्ध नहीं है। इस कारण वितरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसान केंद्र से मायूस होकर वापस जा रहे हैं। इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया बीज उपलब्ध नहीं है। आने पर वितरण किया जाएगा।
बावन प्रतिनिधि के अनुसार, राजकीय बीज भंडार पर मंगलवार को सन्नाटा रहा। गेंहू की उन्नत किस्म के बीज के लिए किसान बीज भंडार पर आए, लेकिन बीज न मिलने से मायूस लौट गए। प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि गेंहू की विभिन्न किस्मों के 1,050 क्विंटल बीज मिले हैं। इसमें से 1,010 क्विंटल का वितरण हो चुका है। स्टोर पर डीबीडब्ल्यू 222 प्रजाति का 40 क्विंटल बीज है, लेकिन किसान कम पसंद कर रहे हैं। किसान राघवेंद्र सिंह, उमेश यादव, नफीस, सोनू, वंशी ने बताया कि गेहूं की डीबीडब्ल्यू 303 प्रजाति के बीज की मांग है। इस प्रजाति की पैदावार अच्छी होती है। चना का भी बीज न होने से किसान परेशान हैं।
मल्लावां प्रतिनिधि के अनुसार, कृषि रक्षा इकाई पर सोमवार शाम से गेंहू का बीज नहीं हैं। मंगलवार को बीज लेने आए किसानों को मायूस होना पड़ा। केंद्र प्रभारी विजय पाल ने बताया कि केंद्र को बंद करना पड़ा। बीज की मांग की गई है।
हरियावां प्रतिनिधि के अनुसार, राजकीय बीज भंडार के प्रभारी हुकुम सिंह ने बताया कि गेहूं को बीज का वितरण किया जा रहा था। बीज लेने वाले किसानों की संख्या अधिक है। इसके बदले कम बीज मिल रहा है। बीज मिलते ही किसानों को वितरित किया जाएगा।
संडीला प्रतिनिधि के अनुसार, राजकीय बीज भंडार में गेंहू का बीज किसानों को वितरित किया जा रहा है। 110 बैग बीज उपलब्ध है।
भरावन प्रतिनिधि के अनुसार, कृषि रक्षा इकाई प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि 20 क्विंटल बीज स्टॉक में है, जिसका वितरण किया जा रहा है।
अधिकतम दो हजार रुपये तक मिलता है एक किसान को अनुदान
राजकीय कृषि बीज भंडारों से मिलने वाले प्रमाणित और आधारीय बीज पर किसानों को बीज मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम दो हजार रुपये अनुदान में मिलता है। बताया गया कि किसान की ओर से बायोमीट्रिक पद्धति से बीज खरीदकर भुगतान करना होता है। भुगतान का विवरण पोर्टल पर अपलोड होते ही किसानों के खाते में आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से अनुदान के रुपये हस्तांतरित हो जाते हैं।
अनुदान पर प्रमाणित बीजों के वितरण के लिए लक्ष्य तय किया गया है। गेहूं बीज का लक्ष्य 16,290.40 क्विंटल के लक्ष्य के सापेक्ष 16,272.40 क्विंटल बीज मिला है। इसमें से 15,297.40 क्विंटल का वितरण मंगलवार तक कराया जा चुका है। ऐसे ही जौ का 40 क्विंटल, सरसों का 230.80 क्विंटल, तोरिया का 17.20 क्विंटल, चना का 85.60 क्विंटल, मटर का 119.60 क्विंटल और मसूर का 111.20 क्विंटल बीज का वितरण कराया जा चुका है। केंद्र प्रभारियों की मांग पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को दिक्कतें नहीं होने दी जाएंगी। -डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी