हरदोई। लोनार कोतवााली क्षेत्र के चिमना में ईंट-भट्ठे पर पथाई करने वाले मजदूरों को राहत देने के लिए खोदा गया गड्ढा दो मासूम बच्चों की मौत की वजह बन गया। 10 फीट लंबे, आठ फीट चौड़े और पांच फीट गहरे गड्ढे में खेलते समय गिरे भाई को बचाने में बहन की भी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
ईंट-भट्ठे पर पथाई करने वाले मजदूरों को पहले से ही खोज लिया जाता है। अमूमन ठेकेदार के माध्यम से हर वर्ष वही मजदूर बुलाए जाते हैं। पिछले कई वर्ष से इरशाद इसी भट्ठे पर पथाई करने परिवार समेत आता है। इस बार पथाई का काम उसे जिंदगी भर का गम दे गया। उपजिलाधिकारी शाहाबाद सुशील मिश्रा ने बताया कि घटना का पता चलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजी गई थी। इस दौरान पता चला कि पथाई के दौरान मिट्टी गीली की जाती है। इसके लिए मजदूरों को दूर न जाना पड़े इसलिए पास में ही पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर पानी भर दिया गया था। रविवार को दिन में यहां मजदूरों ने काम भी किया था। रात में हादसे का पता चला।
एसडीएम ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनाें को दैवीय आपदा राहत कोष से चार चार लाख रुपये दिए जाएंगे। दोनों सगे भाई बहन हैं इसलिए इनके परिजनों के खाते में रुपये भेज दिए जाएंगे।