‘हिंदू परंपराओं में धन, ऐश्वर्य, सेहत व सफलता को गणेशजी की आराधना व उनका सबसे पहले आवाहन की अलग ही महत्ता है, पर सत्य यह भी है कि भगवान गणेश का स्वयंभू प्राकृतिक व चमत्कारी स्वरूप सुख, सफलता के साथ भरपूर धन व वैभव भी प्रदान करता है। इसलिए श्रद्धालुओं को सफेद आंकडे़ की जड़ में गणेश के स्वरूप को खोजकर विधि विधान से उनका पूजन अर्चन करना चाहिए। हिंदू परंपराओं में सफलता के लिए आंकड़े के गणेश की पूजा का बहुत महत्व है, पर भगवान गणेश का स्वयं प्राकृतिक व चमत्कारी स्वरूप है। मान्यता है कि जिस परिवार में आंकड़े के गणेश की रोज पूजा हो तो वहां दरिद्रता, गरीबी, रोग व परेशानियां की कोई जगह नहीं रहती। बल्कि सुख व सफलता के साथ ही भरपूर धन व वैभव बरसाता है। सफेद आंकड़े की जड़ मिलने पर उसकी सफाई कर साफ जल से स्नान कराएं। सफेद आंकड़े के गणेश की पूजा को पुष्प नक्षत्र का योग सबसे अच्छा माना जाता है, पर रवि पुष्प योग श्रेष्ठ काल माना जाता है। गुरु पुष्प व गणेश जन्मोत्सव फलदायी होता है। शास्त्री उमाकांत अवस्थी ने बताया कि श्वेतार्क गणेश को लाल कपड़े पर रखकर लाल चंदन, अक्षत, लाल फूल, सिंदूर से पूजा करें। आंकड़े के जड़ रूप में साक्षात गणेश की पूजा से विद्या, धन, संतान, प्रापर्टी एवं शांति भी मिलती है। धूप जलाएं, भोग लगाएं, साथ ही एक सिक्का भी चढ़ाएं। इसके बाद कुछ विशेष गणेश मंत्रों की तय संख्या का जप करने को संकल्प लें। जप में ऊं गं गणपतये नम:, ऊं श्रीगणेशाय नम:, ऊं एकदंताय नम: एवं ऊं लंबोदराय नम: आदि का उच्चारण करने से लाभ मिलता है।’
हरदोई। सिद्धि विनायक मराठा मंडल एवं सराफा कमेटी के तत्वावधान में वंशीनगर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर में चल रहे छठवें गणेश महापूजन उत्सव के पांचवें दिन रविवार को महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों के हाथों में सजी थालियों से जगमग हो रही रोशनी से समां जहां गणेशमय हो गया, वहीं गणपति बप्पा मोरया...के गगनभेदी नारों से पंडाल गुंजायमान हो गया।
आचार्यों के संरक्षण में श्रद्धालुओं द्वारा पूर्ण विधि विधान से गणेशजी का पूजन अर्चन किया गया। सायंकालीन बेला में गणेश भक्तों के साथ झांकी नृत्य का कार्यक्रम पेश किया गया। जितने भक्त उतने ही सजे हुए आरती के थाल। साथ में गूंजती जय गणेश जय गणेश देवा...के गूंजते स्वर। इधर, संरक्षक मंडल में शामिल मनीष चतुर्वेदी का कहना है कि 24 सितंबर को रात्रि आठ बजे से विशाल गणपति जागरण का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें गजानन की महिमा पर गुणगान किया जाएगा। मनीष शुक्ला एंड पार्टी कानपुर के कलाकारों राबिन जयपुरिया, शालू थापा, जयशंकर, मौसमी तथा मनोज शामिल रहेंगे।
इसके अलावा शनि ग्रुप दिल्ली द्वारा शंकर काली नृत्य, राधा कृष्ण, सुदामा, जोगिया एवं गणेश स्पेशल झांकियां तथा अभिषेक इलाहाबाद के द्वारा सिंदूरी हनुमान की जीवंत प्रस्तुति की जाएगी। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष मीना अग्रवाल, अनुज गुप्ता, संजीव रस्तोगी, बालू सिंह, डा. संजीव द्विवेदी, अमित बाजपेई आदि भी दर्शन को पहुुंचे। उधर, विनायक समिति के तत्वावधान में अग्रवाल धर्मशाला में सुलेख प्रतियोगिता का आयोजन जूनियर व सीनियर वर्ग में संपन्न कराई गई। प्रतिभागियों द्वारा गणपति बप्पा के दरबार में सर्वप्रथम हाजिरी लगाई।
इसके बाद प्रतियेागिता में प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में आरआर इंटर कालेज के प्रवक्ता सियाराम भार्गव, संत बक्स सिंह एवं देश दीपक शुक्ला ने लिखावट का मूल्यांकन किया। म्यूजिकल चेयर रेस प्रतियोगिता भी आयोजित कराई गई, जिसमें जूनियर में बच्चों ने और सीनियर में महिलाओं ने प्रतिभाग किया। मेहंदी प्रतियोगिता जूनियर मेें रिचा गुप्ता, गुंजन शुक्ला एवं शैफ ाली गुप्ता प्रथम, द्वितीय व तृतीय, जबकि सीनियर में तस्कीन अंजुम प्रथम, वैशाली सिंह द्वितीय एवं सौम्या शुक्ला तृतीय, सुलेख प्राइमरी वर्ग में प्रशांत पांडे, अभय शुक्ला, शुभ निशंात प्रथम, द्वितीय व तृतीय, जूनियर में सत्यम गुप्ता प्रथम, अमिषा सेठ द्वितीय एवं अमित सिंह तृतीय रहे।
सीनियर वर्ग में सरस्वती वर्मा को प्रथम, आकांक्षा गुप्ता को द्वितीय एवं अंकित कटियार को तृतीय घोषित किया गया। म्यूजिकल चेयर रेस जूनियर में साक्षी अग्रवाल प्रथम एवं तनवी श्रीवास्तव को सीनियर में प्रथम घोषित किया गया। विजयी प्रतिभागियों को समिति अध्यक्ष पंकज अग्रवाल द्वारा 24 सितंबर को पुरस्कृत किया जाएगा। उधर, गणेशजी की आरती के बाद अवधी भजन संध्या का आगाज वंदना गुप्ता व वंदना मिश्रा के भजनों के साथ हुआ। दोनों कलाकारों ने ब्रज, होली, बेटियों के गीत एवं सावन के गीत गाए।
नन्हें बच्चों द्वारा गरबा पेश किया गया। सुबह का पूजन अविनाश गुप्तरा द्वारा सपत्नीक संपन्न कराए गए। पूजन कार्यक्रम में आचार्य राजेश शास्त्री एवं उनके सहयोगियों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। सहस्त्रार्चन कार्यक्रम समिति के संरक्षक सोमेंद्र अग्रवाल द्वारा संपन्न कराया गया। जिन्होंने 1100 फलों द्वारा गजानन का अर्चन विधिवत संपन्न कराया। इस मौके पर अपूर्व महेश्वरी, जगदीश दीक्षित, गौरव सिंह भदौरिया, राजकुमार अग्रवाल, राजीव गुप्ता, जमुना सेठ, प्रथम गुप्ता, कैलाश गुप्ता और छोटू आदि मौजूद थे।