हरदोई। आर्य कन्या डिग्री कालेज में प्रवक्ताओं द्वारा कॉलेज के कार्य में सहयोग न देने से शनिवार को भी शिक्षण कार्य नहीं हुआ। ऐसे में कॉलेज की छात्राएं क्लास रूमों में प्रवक्ताओं के पहुंचने का इंतजार ही करती रहीं, जबकि कुछ प्रवक्ताएं महाविद्यालय में तो थीं, पर क्लास रूमों में नहीं गई।
कुछ शिक्षिकाएं कॉलेज भी नहीं गई, जिससे प्रवेश कार्य भी प्रभावित रहा। हालांकि प्राचार्य ने विभागीय स्टाफ के सहयोग से प्रवेश कार्य पूरा कराया। आर्य कन्या में प्रवक्ताओं की कुछ मांगें पूरा न होने की वजह से विद्यालय के कार्याें पर असर पड़ रहा है। ज्ञात हो कि महाविद्यालय अभी तक काउंसिलिंग का कार्य प्रवक्ताओं से ही लिया जा रहा था। जिसको वह लोग बखूबी करते आ रहे थे, पर अभी दो दिन पूर्व जहां एक ओर प्रवक्ताओं ने काउंसिलिंग के कार्य से मना कर दिया, वहीं उन्होंने महाविद्यालय में शिक्षण कार्य भी बंद कर दिया। जिसको लेकर बीते दो दिन से छात्राएं तो क्लास रूम पहुंच रही हैं, पर शिक्षिकाएं नहीं जाती हैं।
शुक्रवार को तो काउंसिलिंग के लिए छात्राएं घंटों तक इंतजार करती रहीं, पर महाविद्यालय में प्रवक्ताओं ने काउंसिलिंग का कार्यनहीं कराया। हालांकि दोपहर के बाद कार्य होने की बात कही जा रही है, जबकि शनिवार को तो प्रवेश प्रक्रिया से लेकर शिक्षण कार्य भी नहीं हुआ। महाविद्यालय आई छात्राएं कक्षाओं में इंतजार करने के बाद वापस लौट गई। प्रवक्ताओं द्वारा किए जा रहे असहयोग के पीछे उनकी कुछ मांगे बताई जा रही है। जानकारी करने पर पता चला कि प्रवक्ताओं ने काउंसिलिंग कार्य के लिए स्वयं को उपयुक्त नहीं बताया, जबकि उनकी भी कुछ मांगे थी जो पूरी नहीं हुईं, जिससे वह असहयोग कर रही हैं।
इस संबंध में प्राचार्य डा. निर्मला यादव से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में उनका सहयोग क्यों नहीं हो रहा, वह भी हैरान हैं, लेकिन फिर वह अपने प्रयास कर रहीं हैं। साथ ही प्रवेश कार्य भी विभागीय स्टाफ की मदद से पूरे करा रही हैं।