हरदोई। समर्थन मूल्य 1285 रुपए प्रति कुंतल के भाव पर किसानों से गेहूं खरीदने के लिए खोले गए सरकारी क्रय केंद्र किसानों के लिए मजाक बन गए हैं। आलम यह है कि 75 फीसदी सेंटरों पर बारदाना न होने की बात कहकर किसानों को वापस लौटाया जा रहा है।
कई सेंटरों पर गेहूं बेचने पहुंचे किसानों की गेहूं से लदी ट्रालियां खड़ी हैं और तौल नहीं हो पा रही है। शहर स्थित गल्ला मंडी में खोले गए करीब एक दर्जन केंद्रों पर बारदाना न होने के कारण तौल नहीं हो रही है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों का है। सूत्रों का कहना है कि बारदाना न होने के पीछे जहां विभाग की लापरवाही है वहीं कुछ सेंटरों पर बारदानें की किल्लत पैदा कर उगाही का जरिया बना दिया गया है, जिससे किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा हैं। ज्ञात हो कि सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए 1285 रुपए प्रति कुंतल का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था।
जिसका लाभ किसानों को दिलाने को जिले में 1 लाख 5500 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य रखते हुए 91 क्रय केंद्र खोले गए थे। यह क्रय केंद्र गेहूं खरीद की नोडल एजेंसी विपणन विभाग तथा यूपी स्टेट एग्रो, पीसीएफ, आवश्यक वस्तु निगम, कर्मचारी कल्याण निगम आदि एजेंसियों द्वारा खोले गए थे। अभी तक लक्ष्य के सापेक्ष 50 फीसदी खरीद हो चुकी है, मगर किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाया है। बिचौलियों एवं दबंगों के हावी रहने से ज्यादातर किसानों का औने पौने दामों पर ही गेहूं को बेंचना पड़ा है। चढ़ावा और सुविधा शुल्क से पहले से ही परेशान किसानों को बारदानें के संकट ने रुला दिया है।