फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

20 को पिता-पुत्र मिलन का अद्भुत संयोग

Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
Hardoi
विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती का पर्व श्रद्धा पूर्वक मनाया जाएगा, पर इस जयंती पर सूर्य ग्रहण का योग भी बन रहा है। ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि पिता सूर्य व पुत्र शनि के एक साथ अद्भुत संयोग लोगों के लिए शुभ संकेत लेकर आएंगे।
विज्ञापन

इस दिन दोनों की विधि विधान से पूजन करने पर मन वांछित फल प्राप्त हो सकता है। हिंदू धर्म के अनुसार शनि जयंती का पर्व 20 मई को है। इस दिन भगवान शनि का विशेष पूजन किया जाता है, लेकिन शनि जयंती के दिन ही इस बार सूर्य ग्रहण का योग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य व शनि पिता पुत्र हैं, इसलिए शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण होना शास्त्रों की दृष्टि में काफी महत्वपूर्ण बताया गया है। शास्त्री उमाकांत अवस्थी का इस तरफ कहना है कि शनि जयंती व सूर्य ग्रहण का एक साथ होना शुभ संकेत है। उनका कहना है कि शनि सूर्य के पुत्र हैं और सूर्य से वह शत्रुता का भाव रख सकते हैं, किंतु सूर्य, शनि के साथ शत्रुता का भाव नहीं रखते। यह अद्भुत संयोग शुभ संकेत दे रहे हैं।
मौसम के मिजाज में भी यह संयोग की घड़ी परिवर्तन लाएगी और लोगों को चिपचिपी गर्मी से निजात दिलाएगी। शास्त्री अवस्थी का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब पिता-पुत्र ग्रहों का संयोग एक साथ बन चुका है। इससे पूर्व वर्ष 11 में योग बन चुका है, तो 10 जून 02, 31 मई 03, 10 जून 64, 30 मई 65, 20 मई 47, 30 मई 46 एवं 20 मई 66 को ऐसे ही अद्भुत संयोग पड़ चुके हैं। इसके बाद 10 जून 2021 क ो सूर्य ग्रहण व शनि जयंती एक साथ पड़ने का संयोग बताया जा रहा है। शास्त्री ने बताया कि इस अद्भुत संयोग में सूर्य व शनि दोनों की आराधना करने से मन वांछित फल की प्राप्ति होगी। इस दिन पूजन आदि करने से जिन लोगों पर शनि की साढ़े साती या ढैया से पीड़ित हैं, उनको निश्चित रूप से लाभ होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें