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बारदानें का झमेला, निकले आंसू

Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
Hardoi
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हरदोई। किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 1285 रुपए प्रति कुंतल का लाभ दिलाने को जिले में खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों में 75 फीसदी केंद्रों पर बारदाना खत्म हो गया है। केंद्रों के पास बोरे न होने से खरीद बंद हो गई है, जबकि जिन केंद्रों पर बोरे मुहैया भी हैं, वहां भी किसानों से गेहूं नहीं खरीदा जा रहा। खरीद में चढ़ावा चढ़ाने का खेल हो रहा है।
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समय अपराह्न-3:20 बजे। स्थान मंडी परिसर स्थित क्रय केंद्र। यहां लगभग एक दर्जन गेहूं क्रय केंद्र स्थापित हैं, पर सभी सेंटरों पर तौल बंद है। पल्लेदार सुस्ता रहे हैं, तो केंद्र प्रभारी नदारद है। बिचौलिए एवं दबंग सेंटरों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। किसान गेहूं लेकर आते हैं, तो उन्हें कोई यहीं बताने वाला नहीं कि तौल होगी कि नहीं। पहले से ही वहां खड़ी ट्रालियों को देखकर किसान उन ट्राली वालों का पता करते है कि भाई आपकी तौल क्यों नहीं हुई तो वे कहते हैं, यहां कोई बताने वाला ही नहीं है। 24 घंटे हो गए हैं न तो केंद्र प्रभारी से मुलाकात हुई और न किसी और से, कुछ देर और इंतजार करेंगे फिर वापस लौट जाएंगे।
समय अपराह्न- 3:30 बजे स्थान मंडी परिसर स्थित उपभोक्ता क्रय केंद्र। यहां सन्नाटा पसरा है तथा गेहूं से लदी तीन ट्राली खड़ी हैं। किसान परेशान हैं कि आखिर तौल कब होगी, मगर यह बताने वाला कोई नहीं है। यहां तौल होने का इंतजार कर रहे किसान उदित मिश्रा तथा संदीप सिंह आदि ने बताया कि वे काफी देर यहां ट्राली लिए बैठे हुए हैं, मगर कोई सुनने वाला ही नहीं है, जबकि कल ट्राली लेकर आए किसान तौल न होने से मायूस होकर वापस लौट गए।
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समय अपराह्न- 3:40 स्थान मंडी परिसर। पूरी मंडी में कई दुकानों पर आम बाजार भाव पर 1100 रुपए प्रति कुंतल के भाव पर किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। इसी मंडी परिसर में सरकारी केंद्रों की तरह समर्थन मूल्य 1285 रुपए प्रति कुंतल के भाव पर गेहूं खरीदने को अधिकृत आढ़तियों के बारे में बताने वाला कोई नहीं है, जिससे मजबूरन किसान औने पौने दामों पर गेहूं बेच रहे हैं। इस तरह से साफ है कि कहीं बारदाना तो कहीं चढ़ावा तो कहीं लापरवाही एवं धांधली से किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा और शासन की मंशा को करारा झटका लग रहा है। इसके अलावा अन्नदाताआंे की समस्याओं की आेर कोई देखने तक की जहमत नहीं उठा रहा है, जिससे किसानों में काफी बेचैनी छायी हुई है।
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